भारतीय जहाजों पर हमले को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सख्त, बोले- ‘हमलावरों को छोड़ेंगे नहीं, समुद्र तल से भी ढूंढ लेंगे’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अरब सागर में भारतीय जहाज एमवी केम प्लूटो पर हमला करने वालों का पता लगाने की कसम खाई। उन्होंने कहा, ”जिसने भी हमले की साजिश रची, हम उसे समुद्र के नीचे से ढूंढ लेंगे।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना ने समुद्र में निगरानी बढ़ा दी है।

रक्षा मंत्री ने कहा, “भारत के समुद्री क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत कुछ लोगों को चुभ रही है। केम प्लूटो और साईं बाबा दो भारतीय जहाजों पर हमले हुए हैं। सरकार ने समुद्र में हमलों को बहुत गंभीरता से लिया है और निगरानी बढ़ा दी है। हम समुद्र के अंदर से भी इस हमले को अंजाम देने वालों को ढूंढेंगे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।

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मंत्री ने कहा कि कुछ देश भारत के विकास से नाराज हैं।

नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने बताया कि कमर्शियल शिप्स पर समुद्री डकैती और ड्रोन हमलों से निपटने के लिए चार विध्वंसक शिप तैनात किए गए जिसमें पी-8आई विमान, डोर्नियर्स, सी गार्डियन, हेलीकॉप्टर और तटरक्षक पोत संयुक्त रूप से शामिल हैं।

मालूम हो कि सउदी अरब से कच्चा तेल ले जाने वाले मालवाहक जहाज एमवी केम प्लूटो को अरब सागर में भारत के पश्चिमी तट पर हौथी आतंकवादियों द्वारा कथित तौर पर उस समय ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया था जब वह न्यू मैंगलोर बंदरगाह की ओर जा रहा था।

नौसेना के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘जहाज के पहुंचने पर भारतीय नौसेना के विस्फोटक आयुध रोधी दल ने हमले का प्रकार और प्रकृति का प्रारंभिक आकलन करने के लिए जहाज का निरीक्षण किया। हमले के क्षेत्र और जहाज पर मिले मलबे का निरीक्षण करने से संकेत मिलता है कि यह ड्रोन हमला था। हमले के प्रकार और इसमें इस्तेमाल विस्फोटक की मात्रा का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक और तकनीकी विश्लेषण की आवश्यकता होगी। विस्फोटक आयुध रोधी दल की ओर से जहाज का विश्लेषण पूरा करने के बाद विभिन्न एजेंसियों ने संयुक्त जांच शुरू की।”

जापान के स्वामित्व और नीदरलैंड द्वारा संचालित लाइबेरिया के झंडे तले केमिकल टैंकर पर 23 दिसंबर को भारतीय तट से लगभग 200 समुद्री मील दूर ड्रोन द्वारा हमला किया गया था। यह सऊदी अरब के अल जुबैल बंदरगाह से न्यू मैंगलोर बंदरगाह तक कच्चा तेल ले जा रहा था।

भारतीय नौसेना के अनुसार, व्यापारी जहाज पर 20 भारतीय और वियतनामी चालक दल सवार थे। हमले में कोई घायल नहीं हुआ। मालवाहक जहाज भारतीय तटरक्षक जहाज आईसीजीएस विक्रम की सुरक्षा में सोमवार को मुंबई बंदरगाह पर पहुंचा।

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