भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के नए प्रमुख और खेल मंत्रालय द्वारा महासंघ की नवनिर्वाचित संस्था को निलंबित करने के विरोध के मद्देनजर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को हरियाणा में बजरंग पुनिया और अन्य पहलवानों से मुलाकात की। राहुल गांधी ने छारा गांव में पहलवानों से मुलाकात की जहां 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता और गांव से ताल्लुक रखने वाले दीपक पुनिया भी मौजूद थे। बैठक वीरेंद्र अखाड़े में हुई, जहां दीपक और बजरंग दोनों ने अपनी कुश्ती शुरू की थी।
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बजरंग पुनिया ने कहा कि राहुल गांधी ने छारा में अखाड़े का दौरा कर पहलवानों की दिनचर्या देखी और उनके साथ कुश्ती भी लड़ी। पहलवान ने बताया, “वह यह देखने आए थे कि एक पहलवान की दैनिक जिंदगी कैसी होती है। उन्होंने मेरे साथ कुश्ती लड़ी और व्यायाम किया। उन्होंने अखाड़े में अपनी यात्रा के वीडियो भी बनाए।”
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वीरेंद्र अखाड़े के कोच ने बजरंग पुनिया की बात दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस सांसद ने कुश्ती के गुर सीखे हैं।
कोच ने कहा, “उन्होंने कुश्ती की तकनीकें सीखीं, जैसे कि अंक कैसे प्राप्त किए जाते हैं और उनकी गणना कैसे की जाती है। उन्होंने बाजरे की रोटी और हरी करी खाई… हमने उन्हें बताया कि आजकल बच्चे विभिन्न मानसिक समस्याओं से गुजर रहे हैं।”
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बहरहाल, कोच ने बताया, क्या राहुल के हाथ में कुछ है? सब कुछ सरकार के हाथ में है।”
राहुल गांधी का दौरा रविवार (24 दिसंबर) को खेल मंत्रालय द्वारा डब्ल्यूएफआई की नवनिर्वाचित संस्था को निलंबित करने के बाद हुआ है। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) डब्ल्यूएफआई के प्रशासन और दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों की देखरेख के लिए एक तदर्थ समिति बनाने के लिए तैयार है।
खेल मंत्रालय ने डब्ल्यूएफआई को इसके पदाधिकारियों के चुनाव के तीन दिन बाद ही निलंबित कर दिया। इसका हवाला देते हुए कहा गया, “डब्ल्यूएफआई के पूर्व पदाधिकारियों के प्रभाव और नियंत्रण से उत्पन्न मौजूदा स्थिति मजबूर करने वाली है। केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने डब्ल्यूएफआई को अपने कब्जे में लेने के लिए आईओए को पत्र लिखा है।
मंत्रालय ने कड़े शब्दों में लिखे अपने पत्र में कहा कि नए पदाधिकारी अभी भी पूर्व प्रमुख बृज भूषण के अधीन महासंघ के पूर्व प्रभारी लोगों के प्रभाव में थे, जिन्हें यौन उत्पीड़न के आरोपों के कारण निलंबित कर दिया गया था।
भूषण को हटाने का विरोध कर रहे बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट सहित पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई के निलंबन का स्वागत किया।
21 दिसंबर को अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अनीता श्योराण को हराने के बाद संजय सिंह को नए WFI प्रमुख के रूप में चुना गया था। पहलवानों ने भूषण के करीबी सिंह के चुनाव का विरोध किया, जबकि WFI प्रमुख पद के लिए अनीता का समर्थन किया था।
