पश्चिम बंगाल सरकार ने ‘द केरल स्टोरी’ पर प्रतिबंध लगाने के अपने फैसले की घोषणा की है। ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही विवादों में घिरी फिल्म को कई राज्यों में कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय में इस फैसले की घोषणा की। ये घोषणा ममता बनर्जी द्वारा आरोप लगाए जाने के कुछ ही मिनट की गई। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बीजेपी कश्मीर फाइल्स की तर्ज पर बंगाल पर एक फिल्म की फंडिंग कर रही है।
बंगाल के मुख्यमंत्री ने राज्य के मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि फिल्म को राज्य में चल रहे स्क्रीन से हटा दिया जाए।
ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। यह नफरत और हिंसा की किसी भी घटना से बचने और राज्य में शांति बनाए रखने के लिए है। “द कश्मीर फाइल्स” क्या है? यह एक वर्ग को अपमानित करना है। “द केरल स्टोरी” क्या है?… यह एक विकृत कहानी है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने सत्तारूढ़ टीएमसी सरकार के कदम की निंदा की और दावा किया कि ममता बनर्जी वास्तविकता से अपनी आंखें मूंद लेना चाहती हैं। बीजेपी नेता ने कहा, ‘सीएम ममता बनर्जी ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ पर बैन लगा दिया है। आश्चर्य की कोई बात नहीं, यह उनसे अपेक्षित था। यह सच्ची कहानियों पर आधारित है और दिखाता है कि कैसे इस्लामवादी हिंदू लड़कियों को लव जिहाद में फंसाते हैं और बाद में आईएसआईएस आतंकवादी बनने के लिए भेजते हैं। दीदी हकीकत से आंखें मूंद लेना चाहती हैं।’
मजूमदार ने आगे कहा कि “दीदी पश्चिम बंगाल के लोगों, विशेषकर महिलाओं को इस कठोर वास्तविकता से वंचित करना चाहती हैं। ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल को ISIS राज्य, इस्लामिक राज्य बनाने में लगी हुई हैं इसलिए वे ऐसा काम कर रही हैं। हम इसके खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। पश्चिम बंगाल में लव जिहाद के मामले आम हैं। बंगाल ने जब भी जरूरत पड़ी देश का नेतृत्व किया है। उनका फैसला इसके विपरीत है। प्रतिबंध लगाकर उन्होंने फिर साबित कर दिया है कि पश्चिम बंगाल में कोई एफओई नहीं है। शर्म!”
वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि ये रियल लाइफ स्टोरी पर आधारित है और ये जनजागरण का काम कर रही है, समाज में कुछ कुरीतियां आ गई हैं और उन कुरीतियों को समाप्त करना जरूरी है जिसमें लव जिहाद एक है। उनसे (कांग्रेस) पूछिए प्रोपेगेंडा किस चीज के लिए है…मैं आकड़ों के साथ बता सकती हूं और आकड़े फिल्म में भी दिए गए हैं। जहां पर जमीन और जायदाद माता-पिता के बाद एक लकड़ी (जहां लड़की इकलौती है) की होती है। केरल में उन लड़कियों को सबसे ज्यादा टारगेट किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पश्चिम बंगाल जैसा राज्य फिल्म को बैन करके बहुत बड़ा अन्याय कर रहा है। वहां अभी एक मासूम बच्ची की बलात्कार और हत्या हुई, इस पर तो ममता बनर्जी कुछ नहीं बोलती, लेकिन फिल्म को बैन कर रही हैं। क्या मिल रहा है आपको ऐसे आतंकवादी संगठन के साथ खड़े होकर उनकी सोच को बढ़ावा देने का?
पश्चिम बंगाल में द केरल स्टोरी पर प्रतिबंध लगने पर प्रतिक्रिया देते हुए फिल्म के निर्माता विपुल शाह ने कहा, “अगर उन्होंने ऐसा किया है, तो हम कानूनी कार्रवाई करेंगे। कानून के प्रावधानों के तहत जो भी संभव होगा, हम लड़ेंगे।”
शाह ने आगे कहा- तमिलनाडू में एक व्यक्ति ने धमकी देकर इस फिल्म को रिलीज़ होने से रोक दिया। मैं वहां की DMK और कांग्रेस की सरकार को निवेदन करूंगा कि वे जल्द से जल्द इस पर एक्शन लें और इस फिल्म को रिलीज़ करें।
दूसरी तरफ ‘द केरल स्टोरी’ की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार करने वाले केरल उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश के खिलाफ एक अपील को सुप्रीम कोर्ट ने 15 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
अदा शर्मा स्टारर ‘द केरल स्टोरी’ केरल में कथित धार्मिक शिक्षा के इर्द-गिर्द केंद्रित है और कैसे कट्टरपंथी इस्लामिक मौलवियों द्वारा हिंदू और ईसाई महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है। फिल्म का दावा है कि इन महिलाओं को इस्लाम में परिवर्तित किया गया और बाद में “इस्लाम के लिए लड़ने के लिए” अफगानिस्तान, यमन और सीरिया जैसे देशों में भेजा गया।
केरल में विभिन्न युवा संगठनों ने फिल्म की स्क्रीनिंग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
केरल में सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) और विपक्षी कांग्रेस के अनुसार, फिल्म में झूठा दावा किया गया है कि 32,000 महिलाओं का धर्मांतरण और कट्टरपंथीकरण किया गया और उन्हें भारत और दुनिया दोनों में आतंकवादी मिशनों में तैनात किया गया। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने फिल्म निर्माताओं को यह कहते हुए फटकार लगाई थी कि वे ‘लव जिहाद’ का मुद्दा उठाकर राज्य को धार्मिक उग्रवाद के केंद्र के रूप में पेश करने के संघ परिवार के प्रचार को आगे बढ़ा रहे हैं।
पिनाराई विजयन ने यह भी कहा कि केरल स्टोरी का ट्रेलर, पहली नज़र में, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पैदा करने और राज्य के खिलाफ नफरत फैलाने के कथित उद्देश्य से “जानबूझकर निर्मित” प्रतीत होता है।
इससे पहले, तमिलनाडु के मल्टीप्लेक्सों ने कानून और व्यवस्था के मुद्दों और खराब सार्वजनिक प्रतिक्रिया का हवाला देते हुए रविवार से विवादास्पद फिल्म की स्क्रीनिंग रद्द कर दी थी। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवादी साजिशों को सामने लाने के लिए फिल्म को श्रेय दिया और कर्नाटक में एक रैली के दौरान कांग्रेस पर हमला करने के लिए इसका इस्तेमाल किया।
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया है, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस फिल्म को टैक्स फ्री करने के निर्देश दे दिए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ 12 मई को लोकभवन में अपनी कैबिनेट के साथ ये फिल्म देखेंगे। ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार पहले ही कह चुकी है कि ‘द केरल स्टोरी’ को टैक्स फ्री करेंगे और मुझे इस बात की प्रसन्नता है। प्रदेश के लोग इस फिल्म को देखें और समझें कि किस ढंग से हमारी बहनों के साथ अत्याचार हो रहा है। ये बहुत अच्छा निर्णय है। पश्चिम बंगाल में जो हो रहा है वो तुष्टिकरण के तहत हो रहा है और प्रदेश के लोग इस फिल्म पर प्रतिबंध को स्वीकार नहीं करेंगे।
