कारगिल विजय दिवस 2023: पाकिस्तान पर अपनी जीत का 24वां वर्षगांठ मना रहा है भारत

1999 में पाकिस्तान पर भारत की जीत का जश्न मनाने के लिए हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष, भारत 24वां कारगिल विजय दिवस मना रहा है। कारगिल युद्ध अपनी भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के कारण सबसे दुर्गम परिस्थितियों में लड़े गए सबसे कठिन युद्धों में से एक था। युद्ध के दौरान, भारतीय सेना ने टोलोलिंग, टाइगर हिल और प्वाइंट 4875 समेत अन्य रणनीतिक चोटियों पर दोबारा कब्जा कर लिया था।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कारगिल विजय दिवस के मौके पर द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचे। उन्होंने कारगिल युद्ध में अपनी जान गंवाने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी। राजनाथ सिंह ने द्रास में कारगिल युद्ध में अपनी जान गंवाले वाले जवानों की याद में बने ‘हट ऑफ रिमेंबरेंस’ संग्रहालय का भी दौरा किया।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “भारत की रक्षा के लिए 1999 में देश के सैनिकों ने जो वीरता और शौर्य का प्रदर्शन किया वह स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। आज हम खुली हवा में सांस इसलिए ले पा रहे हैं क्योंकि किसी समय में 0 डिग्री से कम तापमान में हमारे सैनिकों ने ऑक्सीजन की कमी के बावजूद अपनी बंदूकें कभी नीचे नहीं की। आज कारगिल में भारत का ध्वज इसलिए लहरा रहा हैं क्योंकि 1999 में भारत के सैनिकों ने अपने शौर्य का परिचय देते हुए दुश्मनों की छाती में तिरंगा लहरा दिया था।”

सिंह ने कहा, ”युद्ध सिर्फ दो सेनाओं के बीच नहीं बल्कि दो देशों के बीच होता है…26 जुलाई 1999 को युद्ध जीतने के बाद भी अगर हमारी सेनाएं एलओसी पार नहीं करती थीं, तो इसका कारण यह था कि हम शांतिप्रिय हैं, हम भारतीय मूल्यों में विश्वास करते हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। उस समय अगर हमने एलओसी पार नहीं की तो इसका मतलब यह नहीं है कि हम एलओसी पार नहीं कर सकते। यह एक आवश्यकता है, मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1999 के कारगिल युद्ध में जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने सम्मान स्वरूप उन्हें एक स्मृति चिन्ह और एक शॉल भी सौंपा।

सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, वायु सेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी और भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने भी इस अवसर पर द्रास के कारगिल युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर कारगिल युद्ध में प्राणों की आहुति देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कारगिल विजय दिवस पर आर्मी एविएशन के तीन चीतल हेलीकॉप्टर और चार एमआईजी 29 विमान द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक के ऊपर से गुजरे।

आज इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पाकिस्तान के साथ 1999 का युद्ध लड़ने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, “कारगिल विजय दिवस भारत के उन अद्भुत पराक्रमियों की शौर्यगाथा को सामने लाता है, जो देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणाशक्ति बने रहेंगे। इस विशेष दिवस पर मैं उनका हृदय से नमन और वंदन करता हूं। जय हिंद!”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट किया, “आज कारगिल विजय दिवस के गौरवशाली अवसर पर सभी देशवासी हमारे सशस्त्र बलों के असाधारण पराक्रम से अर्जित की गई विजय को याद करते हैं। देश की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान करके विजय का मार्ग प्रशस्त करने वाले सेनानियों को एक कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से मैं श्रद्धांजलि देती हूं और उनकी स्मृति को नमन करती हूं। उनकी शौर्य गाथाएं आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी। जय हिन्द!”

गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा- “कारगिल विजय दिवस करोड़ों देशवासियों के सम्मान के विजय का दिन है। यह सभी पराक्रमी योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने का दिन है जिन्होंने आसमान से भी ऊँचे हौसले और पर्वत जैसे फौलादी दृढ़ निश्चय से अपनी मातृभूमि के कण-कण की रक्षा की। भारत माता के वीर सिपाहियों ने अपने त्याग व बलिदान से इस वसुंधरा की न सिर्फ आन, बान और शान को सर्वोच्च रखा बल्कि अपनी विजित परंपराओं को भी जीवंत रखा।कारगिल की दुर्गम पहाड़ियों पर तिरंगा पुनः गर्व से लहरा कर देश की अखंडता को अक्षुण्ण रखने के आपके समर्पण को कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से नमन करता हूँ।”

कारगिल दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कारगिल शहीद स्मृति वाटिका पहुंचकर प्राणों की आहुति देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान, इससे पूर्व के सभी युद्धों में और इसके उपरांत भी देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले भारत माता के वीर सपूतों को मैं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं…नए भारत में हर नागरिक को सुरक्षा की गारंटी है। इस नए भारत में आतंकवाद के लिए, नक्सलवाद के लिए किसी भी तरह की कोई जगह नहीं है।

इस साल कारगिल विजय दिवस की 24वीं वर्षगांठ को और खास बनाने के लिए इस साल दिल्ली से द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक तक एक पूर्ण महिला मोटरसाइकिल अभियान का आयोजन किया गया है। त्रि-सेवा ‘नारी सशक्तीकरण महिला मोटरसाइकिल रैली’ को 18 जुलाई को नई दिल्ली में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह 25 जुलाई को लद्दाख पहुंचने वाला है। देश भर में सरकारी निकायों द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और देश भर के विभिन्न संगठन कारगिल विजय दिवस मनाते हैं। आयोजनों में स्मारक सेवाएँ, परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित अन्य शामिल हैं।

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