तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं ने दावा किया है कि राजभवन में काम करने वाली एक महिला ने बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। बंगाल के राज्यपाल ने आरोपों से इनकार किया है, उन्हें “इंजीनियर्ड नैरेटिव” कहा है। टीएमसी नेताओं ने दावा किया कि आरोप लगाने वाली महिला शिकायत दर्ज कराने के लिए कोलकाता पुलिस के पास पहुंची थी।
तृणमूल कांग्रेस ने पोस्ट कर कहा, “राजभवन छेड़छाड़ मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है! यौन उत्पीड़न पीड़िता ने खुलासा किया कि और भी महिलाओं को इसी तरह परेशान किया गया! अगर पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह वास्तव में नारी का सम्मान में विश्वास करते हैं तो उन्हें इन पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करना चाहिए।”
बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे उन्हें बदनाम करने का प्रयास बताया।
सीवी आनंद बोस ने कहा, “सच्चाई की जीत होगी। मैं “इंजीनियर्ड नैरेटिव” से नहीं डरता हूं। अगर कोई मुझे बदनाम करके कुछ चुनावी फायदा चाहता है तो भगवान उनका भला करे। लेकिन वे बंगाल में भ्रष्टाचार और हिंसा के खिलाफ मेरी लड़ाई को नहीं रोक सकते।”
राजभवन ने एक्स पर पोस्ट में लिखा- “राजभवन के कर्मचारियों ने माननीय राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस के साथ एकजुटता व्यक्त की। माननीय राज्यपाल के खिलाफ दो असंतुष्ट कर्मचारियों द्वारा राजनीतिक दलों के एजेंट के रूप में कुछ अपमानजनक बातें प्रसारित की गईं थीं।”
बाद में पश्चिम बंगाल राजभवन ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस के खिलाफ कथित छेड़छाड़ मामले पर एक बयान भी जारी किया। बयान में कहा गया है, “राज्यपाल के खिलाफ मानहानि और संविधान विरोधी मीडिया बयानों के लिए राज्यपाल द्वारा नियुक्त वित्त विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य को कोलकाता, दार्जिलिंग और बैरकपुर के राजभवन परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। राज्यपाल ने यह भी निर्देश दिया है कि वह मंत्री की उपस्थिति वाले किसी भी समारोह में भाग नहीं लेंगे। मंत्री के खिलाफ आगे के कानूनी कदमों पर सलाह के लिए भारत के अटॉर्नी जनरल से संपर्क किया गया है।”
वहीं इस मामले पर TMC नेता शशि पांजा ने कहा, “संदेशखाली की घटना पर जो राज्यपाल नारी सम्मान की बात कर थे वही राज्यपाल आज नारी का अपमान कर रहे हैं। शिकायतकर्ता के साथ यह बदसलुकी बार-बार की गई होगी। हमें मिली खबरों के अनुसार महिला एक अस्थाई कर्मी है और आर्थिक कारणों के कारण महिला ने राज्यपाल से अपने रोज़गार को स्थाई करने की दरख्वास्त की। अगर इसके बदले में आप उनसे(महिला) बदसलूकी करते हैं तो इससे दुर्भाग्यजनक बात नहीं हो सकती। महिला ने हेर स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई है, आगे की जांच चल रही है।”
TMC नेता व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बंगाल पहुंचने से पहले राज्यपाल के खिलाफ एक महिला ने थाने में छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराने गई है। यह किस प्रकार की घटना घट रही है, जो राज्यपाल कहते हैं कि वे ‘पीस रूम’ बनाएंगे और सबकी समस्याएं सुनेंगे। लेकिन यहां पर तो वही राज्यपाल नारी का अपमान कर रहे हैं।”
इस बीच कोलकाता पुलिस की डीसी (सेंट्रल) इंदिरा मुखर्जी ने कहा कि पुलिस को गुरुवार शाम 5 बजे राज्यपाल के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत मिली।
अधिकारी ने कहा, “हम इसकी जांच कर रहे हैं। हम यह नहीं बता सकते कि घटना कब हुई। शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना राजभवन के अंदर हुई। उसने शिकायत की कि ऐसा कई बार हुआ है।”
पुलिस ने अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया।
