प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर में जी20 नेताओं की बैठक की मेजबानी के लिए तैयार दिल्ली के पुनर्विकसित भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) परिसर में बुधवार सुबह हवन और पूजा की। विशाल आईटीपीओ परिसर, जिसे प्रगति मैदान परिसर के रूप में भी जाना जाता है, लगभग 123 एकड़ में फैला है, जो इसे भारत का सबसे बड़ा एमआईसीई (बैठकें, प्रोत्साहन, सम्मेलन और प्रदर्शनियां) गंतव्य स्थल है। समारोह की शुरुआत सुबह 10 बजे पीएम मोदी द्वारा किए गए हवन पूजन के साथ हुई, जिसके बाद इसमें शामिल निर्माण श्रमिकों का अभिनंदन किया गया।
पूजा के बाद, पीएम मोदी ने ‘श्रमजीवियों’ (जो परिसर के निर्माण में शामिल थे) को सम्मानित किया।
लगभग 123 एकड़ के परिसर क्षेत्र वाली इस सुविधा का निर्माण क्षेत्र में पुरानी और अप्रचलित संरचनाओं की मरम्मत के बाद किया गया है और इसे ₹2,700 करोड़ की लागत से विकसित किया गया है। इस परिसर में कन्वेंशन सेंटर, प्रदर्शनी हॉल और एम्फीथिएटर जैसी कई अत्याधुनिक सुविधाएं हैं।
कन्वेंशन सेंटर के लेवल 3 में 7,000 लोग बैठ सकते हैं, जो इसे ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित सिडनी ओपेरा हाउस में बैठने वाले लगभग 5,500 लोगों से भी बड़ा बनाता है।
पीएमओ ने एक बयान में है कि यह दुनिया के अग्रणी प्रदर्शनी और सम्मेलन परिसरों में से एक होगा। इस परिसर में सितंबर में जी-20 नेताओं की बैठक प्रस्तावित है। बयान में बताया गया है कि इस परियोजना को लगभग 2,700 करोड़ रुपये की लागत से एक राष्ट्रीय परियोजना के रूप में विकसित किया गया था। लगभग 123 एकड़ के परिसर क्षेत्र के साथ, आईईसीसी परिसर को भारत के सबसे बड़े एमआईसीई (बैठकें, प्रोत्साहन, सम्मेलन और प्रदर्शनी) गंतव्य के रूप में विकसित किया गया है। सरकार ने जनवरी, 2017 में प्रगति मैदान के पुनर्विकास के लिए भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए राष्ट्रीय राजधानी में विश्वस्तरीय आईईसीसी स्थापित करने पर सहमति जताई थी।
पीएमओ ने कहा कि देश में बैठकों, सम्मेलनों और प्रदर्शनियों की मेजबानी के लिए एक विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करने संबंधी प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण ने प्रगति मैदान में आईईसीसी की अवधारणा को मूर्तरूप दिया है।
आईटीपीओ कॉम्प्लेक्स में 3,000 लोगों की बैठने की क्षमता वाला एक एम्फीथिएटर भी है। आयोजन स्थल में 5,500 पार्किंग स्थानों का भी प्रावधान है। परिसर के चारों ओर सिग्नल-मुक्त सड़कें यह सुनिश्चित करेंगी कि आगंतुक आसानी से कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकें।
मालूम हो कि कन्वेंशन सेंटर भवन का वास्तुशिल्प डिजाइन भारतीय परंपराओं से प्रेरित है और आधुनिक सुविधाओं और जीवन शैली को अपनाने के साथ-साथ अपने अतीत में भारत के आत्मविश्वास और दृढ़ विश्वास को भी दर्शाता है। शंख के आकार में विकसित, इसमें भारत की पारंपरिक कला और संस्कृति के कई वास्तुशिल्प तत्व शामिल हैं। प्रगति मैदान में नए परिसर के विकास से भारत को वैश्विक व्यापार गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इस परिसर में कुल सात प्रदर्शनी हॉल हैं, जिनमें से प्रत्येक प्रदर्शनियों, व्यापार मेलों और व्यावसायिक कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए एक बहुमुखी स्थान के रूप में कार्य करता है। यह व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और छोटे और मध्यम उद्यमों को अपने उत्पादों और सेवाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।
