केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को देश के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति से निपटने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के अधिकारियों को हीटस्ट्रोक से होने वाली मौतों को रोकने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकारों की सहायता के लिए अधिकारियों की एक टीम लू का सामना कर रहे राज्यों में भेजी जाएगी। मनसुख मंडाविया बुधवार को उन राज्यों के मंत्रियों के साथ एक और बैठक करेंगे जहां लू की स्थिति बनी हुई है।
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वी के पॉल, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ राजीव बहल और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के विशेषज्ञ मंगलवार सुबह 11:30 बजे हुई बैठक में शामिल हुए।
मनसुख मंडाविया ने कहा, “जिन राज्यों में लू चल रही है और लू की घटनाएं हुई हैं, वहां आपदा प्रबंधन, आईएमडी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों की एक टीम राज्य सरकार की सहायता के लिए भेजी जाएगी। बुधवार को मैं ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, झारखंड और बिहार जैसे पूर्वी राज्यों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों और मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक करूंगा, जहां लू की स्थिति बनी हुई है। मैंने आईसीएमआर को हीटस्ट्रोक से होने वाली मौतों को रोकने के लिए पहले से तैयारी करने का भी निर्देश दिया है।”
बता दें कि पिछले कुछ दिनों में, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा सहित देश के विभिन्न हिस्सों से हीट स्ट्रोक के कारण कई मौतों की सूचना मिली है। देश के कुछ हिस्सों में लू के कारण उत्तर प्रदेश के बलिया में कम से कम 68 लोगों के मारे जाने की आशंका है। झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में सोमवार को तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। मौसम कार्यालय के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री अधिक दर्ज किया गया।
