सूडान संघर्ष: भारतीयों की स्थिति को लेकर पीएम मोदी ने की उच्चस्तरीय बैठक; संकटग्रस्त देश में 4,000 भारतीय फंसे हुए हैं

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सूडान संकट को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। सूडान की राजधानी खार्तूम में हजारों भारतीयों का जीवन दांव पर है। वर्तमान में 4,000 से अधिक भारतीय संकटग्रस्त राष्ट्र में फंसे हुए हैं। बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर, सचिव सीपीवी औसाफ सईद और खाड़ी देशों के महत्वपूर्ण राजदूतों ने भाग लिया जो भारतीयों को निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

सूडान पिछले सात दिनों से देश की सेना और एक अर्धसैनिक समूह के बीच घातक लड़ाई देख रहा है जिसमें लगभग 200 लोग मारे गए हैं। अंधाधुंध गोलीबारी के कारण भारतीयों को भोजन, पानी, दवाओं और बिजली की कमी का भी सामना करना पड़ रहा है। कम से कम 50 लाख लोग घरों में शरण लिए हुए हैं और उनके पास बिजली, भोजन या पानी नहीं है और संचार बुरी तरह बाधित है।

देश में चल रहा घातक संघर्ष शुक्रवार को अपने सातवें दिन में प्रवेश कर गया है और विदेश मंत्री (ईएएम) एस जयशंकर ने कहा कि सरकार सूडान में फंसे भारतीयों के साथ लगातार संपर्क में है।

इस बीच शुक्रवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सूडान के लगातार बिगड़ते हालात पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस से मुलाकात की। दोनों के बीच सूडान की जंग, भारत की जी20 अध्यक्षता, यूक्रेन युद्ध सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बातचीत के दौरान जयशंकर ने कहा कि हमारा पूरा ध्यान इस बात पर है कि व्यावहारिक, जमीनी स्तर पर युद्धविराम कैसे हासिल किया जाए।

भारत सरकार ने गुरुवार को कहा था कि उस देश में स्थिति “बहुत तनावपूर्ण” है और वह आकस्मिक योजनाओं और संभावित निकासी पर काम करने सहित भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि, “जमीन पर स्थिति बहुत तनावपूर्ण बनी हुई है। हमारा ध्यान व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। हम विभिन्न चैनलों के माध्यम से लोगों के संपर्क में हैं।”

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत संबंधित देशों के साथ संपर्क में रहने के अलावा घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी निकासी योजना जमीनी स्थिति पर निर्भर करेगी।

इससे पहले बुधवार को सरकार के सूत्रों ने कहा कि हिंसा प्रभावित सूडान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत अमेरिका, ब्रिटेन और सऊदी अरब सहित विभिन्न देशों के साथ निकटता से समन्वय कर रहा है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर पहले ही भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ध्यान देने के साथ हिंसा प्रभावित सूडान में जमीनी स्थिति पर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और मिस्र के अपने समकक्षों से बात कर चुके हैं।

भारतीय दूतावास ने 16 अप्रैल को कहा था कि सूडान में काम करने वाले एक भारतीय नागरिक की गोली लगने से मौत हो गई है। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा था कि केरल के कन्नूर जिले के रहने वाले अल्बर्ट ऑगस्टाइन के परिवार को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी और उनके शरीर को देश वापस लाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

मालूम हो कि अफ्रीकी देश सूडान में संघर्ष सेना के कमांडर जनरल अब्देल-फतह बुरहान और पैरामिलिट्री फोर्स के प्रमुख जनरल मोहम्मद हमदान डगालो के बीच हो रहा है। जनरल बुरहान और जनरल डगालो, दोनों पहले साथ ही थे।

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