बीजेपी के साथ गठबंधन की अफवाहों पर अजित पवार बोले- “मैं एनसीपी के साथ हूं, एनसीपी के साथ रहूंगा”

एनसीपी नेता अजीत पवार ने भाजपा के साथ हाथ मिलाने की खबरों को ‘निराधार’ बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि वह शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी का हिस्सा बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनके एनसीपी से नाता तोड़ने और भाजपा से हाथ मिलाने के बारे में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।

अजीत पवार ने महाराष्ट्र विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से कहा, “मैं एनसीपी के साथ हूं। मैं एनसीपी के साथ रहूंगा। एनसीपी जो भी फैसला करेगी, मैं वहीं रहूंगा।” उन्होंने कहा, “मेरे और मेरे लोगों के बारे में भ्रम पैदा करने की कोशिश की जा रही है। जो कुछ भी फैलाया जा रहा है, उसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।”

अजीत पवार ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी विधायक के हस्ताक्षर नहीं लिए और भाजपा गठबंधन के साथ गठबंधन करने के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा, “विधायकों के हस्ताक्षर नहीं लिए गए। हम सभी एनसीपी के वफादार हैं। (भाजपा गठबंधन पर) ऐसी कोई बातचीत या फैसला नहीं हुआ। अब सभी अफवाहों पर विराम लग जाना चाहिए।”

भाजपा पर निशाना साधते हुए अजीत पवार ने कहा कि जो अफवाहें फैलाई जा रही हैं, वे एनसीपी के खिलाफ साजिश का हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा, “वे (बीजेपी) बेरोजगारी जैसे वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं। ऐसे कई मुद्दे हैं जिनका भाजपा द्वारा समाधान नहीं किया जा रहा है। लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। वे काम के मामले में पूरी तरह से लापरवाह हैं।”

इससे पहले मंगलवार को शरद पवार ने इन अफवाहों को खारिज कर दिया था कि अजित पवार पार्टी से अलग हो जाएंगे और भाजपा से हाथ मिला लेंगे। उन्होंने कहा था कि अजित पवार चुनाव संबंधी कामों में व्यस्त हैं।

पवार ने कहा, ‘कुछ लोग सिर्फ खबर बना रहे हैं। इसके अलावा इन बातों का कोई अर्थ नहीं हैं। जो चर्चा आपके मन में वो हम में से किसी के मन में नही है, इसलिए इसका कोई महत्व नहीं है। मैं एनसीपी के बारे में कह सकता हूं कि इस पार्टी में काम करने वाले सभी नेता एक विचार से पार्टी को कैसे मजबूत किया जाए इसके लिए काम कर रहे हैं। ऐसा सुनने में आया कि विधायको की बैठक है। यह बात बिलकुल झूठी है। पार्टी के अध्यक्ष जयंत पाटिल अपने चुनाव क्षेत्र में काम कर रहे हैं। अजीत पवार भी काम में व्यस्त हैं। मैं यहां हूं। इसके अलावा बैठक बुलाने का किसी को अधिकार ही नहीं है।’

शरद पवार की ही बातों का समर्थन करते हुए, शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने भी राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा गठबंधन के साथ अजीत पवार के गठबंधन की अफवाहों को खारिज कर दिया।

राउत ने कहा, ‘अजीत पवार और शरद पवार में काफी अच्छे संबंध है। नागपुर से लेकर अभी तक वो हमारे संपर्क में हैं। अजीत पवार पर इस तरह से आपको बार-बार सवाल नही उठाना चाहिए। वो हमारे विपक्ष के नेता हैं और महाविकास अघाड़ी पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। सबसे ज्यादा राज्य के सीएम भ्रम फैला रहे हैं।’ राउत ने कहा, ‘आज सुबह ही मैंने सभी मित्र पक्षों से बात की है…पवार साहब ने बोला है कि सब खबर जो आ रही उसमे कोई दम नही है। सुप्रिया सुले की ‘दो बड़ी खबरों’ का मतलब ये है कि सुप्रीम कोर्ट से Disqualification के मामले का फैसला हमारे पक्ष में दिल्ली से आएगा और महाराष्ट्र में शिंदे सीएम नही रहेंगे।’

मालूम हो कि अजीत पवार द्वारा अचानक पुणे के एक कार्यक्रम को रद्द करने और महाराष्ट्र के दो शीर्ष भाजपा नेताओं के दिल्ली आने से इस तरह की अटकलों को बल मिला था।

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