राजस्थान के जोधपुर के चेराई गांव में बुधवार को संदिग्ध बदला लेने के लिए अज्ञात लोगों ने छह महीने के बच्चे सहित एक परिवार के चार सदस्यों की हत्या कर दी और उनके शवों को आग लगा दी। हमलावरों ने हत्याओं को उनके घर के अंदर अंजाम दिया, शवों को बाहर खींच लिया और आग लगा दी। घर में आग लगाने के बाद वे भाग गये। धुआं निकलता देख ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो घर के बाहर चार जले हुए शव मिले।
घटनास्थल पर पहुंचे एसपी (जोधपुर ग्रामीण) धर्मेंद्र सिंह यादव ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा है। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र किए और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अधिकारी ने कहा, ”यह बदले की भावना से की गई हत्या का मामला प्रतीत होता है।”
यादव ने कहा, “जोधपुर पुलिस ने रामनगर गांव की एक झोपड़ी से 4 जले हुए शव बरामद किए हैं। आगे की जांच जारी है।”
एसपी ने कहा-एफएसएल टीम ने मौके से सबूत इकट्ठा किए हैं। प्रथम दृष्टया देखने पर हत्या करने के बाद जलाने का मामला नजर आ रहा है। लेकिन एफएसएल की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पूरा खुलासा हो पाएगा।
इस घटना पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, ”यह घटना बेहद दुखद है। पिछले साढ़े चार साल में प्रदेश में अपराधी बेखौफ हो गए हैं। सरकार सिर्फ कुर्सी बचाने और कुर्सी वापस लाने में लगी है। गहन जांच होनी चाहिए और आरोपियों को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।” उन्होंने कहा- हम पिछले साढे 4 साल से कह रहे हैं कि अपराधी बेखौफ हैं। सरकार केवल अपनी कुर्सी और सरकार बचाने में मशगूल है। गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा मासूम बच्ची को भी जला जला दिया गया जिसका कोई दोष नहीं था, उसने जीवन की शुरुआत की थी।
कांग्रेस नेता दिव्या मदरेना ने कहा, ”राजस्थान में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक है। पुलिस अक्षम है। अगर किसी गांव में लोगों के साथ इतना भयानक कुछ हो सकता है तो आईजी को बर्खास्त किया जाना चाहिए और जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।”
