Bengaluru Opposition Meeting: विपक्ष ने गठबंधन का नाम ‘INDIA’ रखा; मुंबई में होगी अगली बैठक

लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी के खिलाफ बेंगलुरु में विपक्ष का महाजुटान हुआ। कांग्रेस की बुलाई इस बैठक में 26 दलों के नेता पहुंचे। दो दिन तक चली इस बैठक में विपक्षी दलों के गठबंधन का नाम ‘INDIA’ रखा गया। यानी 2024 में NDA का मुकाबला ‘INDIA’ से होगा। बैठक में गठबंधन के नाम समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “सभी 26 पार्टियों के साथ मिलकर हमने इस गठबंधन को इंडियन नेशनल डेवेलपमेंटल इंक्लूसिव एलायंस(INDIA) नाम दिया है। विपक्ष की अगली बैठक मुंबई में होगी। तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी। 11 सदस्यीय समन्वय समिति गठित की जायेगी. समिति के सदस्यों के नामों की घोषणा मुंबई में ही की जाएगी।”

बीजेपी द्वारा एनडीए के 38 सदस्यों की बैठक बुलाने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमने कई पार्टियों के नाम भी नहीं सुने हैं। मैं नहीं जानता कि वे पंजीकृत पार्टियाँ हैं या नहीं। पहले उन्हें अपने सहयोगियों की परवाह नहीं थी। पहले उन्होंने कोई बैठक नहीं की लेकिन अब वे एक-एक करके (एनडीए दलों के साथ) बैठक कर रहे हैं। पीएम मोदी अब विपक्षी दलों से डर रहे हैं। हम यहां लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए एकत्र हुए हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “आज पूरी मीडिया पर पीएम मोदी का कब्जा हो गया है। उनके इशारे के बिना कोई नहीं चलता। अपने 52 साल के सक्रिय राजनीतिक जीवन में मैंने ऐसी प्रतिकूल स्थिति कभी नहीं देखी कि विपक्षी नेताओं (आवाज़) को दबाया जा रहा हो।

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा, “आज से चुनौती की शुरुआत हुई है। हमारी जो 26 पार्टियों की बैठक में हुई उसमें हमने एक रियल चैलेंज लिया है। ममता बनर्जी ने सवाल पूछते हुए कहा, ‘NDA कैन यू चैलेंज INDIA?’ ममता बनर्जी ने कहा कि INDIA जीतेगा, BJP हारेगी।”

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अच्छी बात है कि कुनवा बढ़ रहा है। पटना की बैठक में भी हम पहले जुटे थे और अब और ज्यादा लोग जुटे हैं। केजरीवाल ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि इन्होंने रेलवे बेच दी, एयरपोर्ट बेच दिया, धरती बेच दी, आसमान बेच दिया। इन्होंने हर सेक्टर को बर्बाद कर दिया। आज 26 पार्टियां अपने लिए एकत्रित नहीं हुए हैं, हमें एक तरफ देश को नफरत से बचाना है और दूसरी तरफ एक नए भारत का सपना लेकर हम सब इकट्ठा हुए हैं।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि तानाशाही के खिलाफ जनता इकट्ठी हो रही है। राजनीति में विचारधारा अलग तो होती ही है लेकिन हम देश के लिए एक हुए हैं। लोगों को लगता है कि हम परिवार को बचाने के लिए एक हुए हैं, देश हमारा परिवार है और उसे बचाने के लिए हम एक हुए हैं। इस तानाशाह सरकार के खिलाफ हम लड़ेंगे। ठाकरे ने कहा कि लड़ाई दल की नहीं है, देश के लिए है। ठाकरे ने कहा कि अगली मीटिंग में मुंबई में सभी नेताओं से फिर मुलाकात होगी।

राहुल गांधी ने कहा कि हमने एक सवाल खुद से पूछा कि ये लड़ाई आखिर है किस के बीच में? यह लड़ाई विपक्ष और भाजपा के बीच नहीं है। देश की आवाज़ को कुचला जा रहा है, यह लड़ाई देश के लिए है इसलिए इंडियन नेशनल डेवेलपमेंटल इंक्लूसिव एलायंस (INDIA) नाम चुना गया। उन्होंने कहा कि ये लड़ाई BJP की विचारधारा के खिलाफ है। ये NDA और ‘INDIA’ के बीच की लड़ाई है। राहुल ने कहा कि देश में बेरोजगारी फैल रही है। देश का पूरा धन चंद हाथों में जा रहा है। हमने निर्णय लिया है कि हम एक एक्शन प्लान तैयार करेंगे और एक साथ मिलकर देश में हमारी विचारधारा और हम जो करने जा रहे हैं उसके बारे में बोलेंगे।

बैठक में कांग्रेस, टीएमसी, शिवसेना (उद्धव गुट), एनसीपी (शरद पवार गुट), सीपीआई, सीपीआईएम, जदयू, डीएमके, आम आदमी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, आरजेडी, समाजवादी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, आरएलडी, सीपीआई (ML), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस (M), मनीथानेया मक्कल काची (MMK), एमडीएमके, वीसीके, आरएसपी, केरला कांग्रेस, केएमडीके, एआईएफबी, अपना दल कमेरावादी पार्टियों के नेता शामिल हुए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, मुझे खुशी है कि बेंगलुरु में 26 पार्टियां एकजुट होकर काम करने के लिए मौजूद हैं। अभी हम सबकी मिलकर 11 राज्यों में सरकार है। बीजेपी को अकेले 303 सीटें नहीं मिलीं। उसने अपने सहयोगियों के वोटों का इस्तेमाल किया और सत्ता में आई और फिर उन्हें बाहर कर दिया। खड़गे ने कहा, भाजपा अध्यक्ष और उनके नेता अपने पुराने सहयोगियों से समझौता करने के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य की दौड़ लगा रहे हैं। उन्हें डर है कि जो एकता उन्हें यहां दिख रही है, उसका नतीजा अगले साल उनकी हार होगी। हर संस्था को विपक्ष के खिलाफ हथियार बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, इस बैठक में हमारा इरादा अपने लिए सत्ता हासिल करना नहीं है। यह लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय की रक्षा करना है। आइए हम भारत को प्रगति, कल्याण और सच्चे लोकतंत्र के पथ पर वापस ले जाने का संकल्प लें।

बैठक के पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी से मुलाकात की। दोनों ने एक दूसरे के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और हालचाल जाना। इस दौरान राजनीतिक चर्चा भी हुई। दोनों के बीच करीब आधे घंटे बाद हुई। ममता बनर्जी और सोनिया गांधी के बीच करीब दो साल के बाद ये मुलाकात हुई। इससे पहले ममता जुलाई 2021 में सोनिया गांधी से उनके आवास पर मिली थीं।

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