सांसदी खोने के बाद राहुल गांधी का पहला रिएक्शन, बोले- ‘मैं भारत की आवाज़ के लिए लड़ रहा हूं’

लोकसभा सांसद के रूप में अयोग्य घोषित किए जाने के कुछ घंटों बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी बात रखने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। उन्होंने ट्वीट कर कहा- ‘मैं भारत की आवाज़ के लिए लड़ रहा हूं। मैं हर कीमत चुकाने को तैयार हूं’। राहुल गांधी के समर्थन में पार्टी ने सोशल मीडिया पर ‘डरो मत’ कैंपेन भी शुरू किया है। पार्टी के ट्विटर हैंडल पर भी इसे लगाया गया है। पार्टी के कार्यकर्ता इसे शेयर कर रहे हैं।

शुक्रवार शाम को कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता और CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी मौजूदगी में प्रदेश अध्यक्षों, CLP नेताओं सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी इस बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जो इस प्रकार हैं-

– एक कमेटी बनेगी जो आगे की रणनीति तय करेगी।
– दिल्ली में एक बड़ी रैली का आयोजन किया जाएगा।
– ब्लॉक स्तर के विरोध से लेकर देशव्यापी विरोध तक का है प्लान।
– राजनीतिक कार्य योजना तैयार की जा रही है, अन्य विपक्षी दलों से भी संपर्क किया जाएगा।
– कानूनी टीम आगे की कार्रवाई करेगी।

बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस कर जयराम रमेश ने कहा- कांग्रेस पार्टी देश भर में यह मुद्दा लेकर जाएगी कि राहुल गांधी जी की संसद सदस्यता जानबूझकर खत्म की गई है। इसके तीन प्रमुख कारण हैं-

1. राहुल जी ने मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज़ उठाई।
2. भारत जोड़ो यात्रा की सफलता से BJP घबराई हुई है।
3. राहुल जी अडानी घोटाले पर बोल रहे हैं।

इससे पहले राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए तीखे सवाल दागे। प्रियंका ने ट्वीट किया- “नरेंद्र मोदी जी आपके चमचों ने एक शहीद प्रधानमंत्री के बेटे को देशद्रोही, मीर जाफ़र कहा। आपके एक मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी का पिता कौन है? कश्मीरी पंडितों के रिवाज निभाते हुए एक बेटा पिता की मृत्यु के बाद पगड़ी पहनता है, अपने परिवार की परंपरा क़ायम रखता है। भरी संसद में आपने पूरे परिवार और कश्मीरी पंडित समाज का अपमान करते हुए पूछा कि वह नेहरू नाम क्यों नहीं रखते…. लेकिन आपको किसी जज ने दो साल की सज़ा नहीं दी। आपको संसद से डिस्क्वालिफाई नहीं किया….राहुल जी ने एक सच्चे देशभक्त की तरह अडानी की लूट पर सवाल उठाया। नीरव मोदी और मेहूल चौकसी पे सवाल उठाया…। क्या आपका मित्र गौतम अडानी देश की संसद और भारत की महान जनता से बड़ा हो गया है कि उसकी लूट पर सवाल उठा तो आप बौखला गए? आप मेरे परिवार को परिवारवादी कहते हैं, जान लीजिए, इस परिवार ने भारत के लोकतंत्र को अपने खून से सींचा……जिसे आप ख़त्म करने में लगे हैं। इस परिवार ने भारत की जनता की आवाज़ बुलंद की और पुश्तों से सच्चाई की लड़ाई लड़ी। हमारी रगों में जो खून दौड़ता है उसकी एक ख़ासियत है… आप जैसे कायर, सत्तालोभी तानाशाह के सामने कभी नहीं झुका और कभी नहीं झुकेगा। आप कुछ भी कर लीजिए”।

उधर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ब्लॉक, तहसील, जिला स्तर से लेकर राजधानी तक आंदोलन किए जाएंगे। उन्होंने कहा- अडाणी घोटाले के खिलाफ आवाज उठाने के कारण राहुल गांधी को निशाना बनाया गया।

उन्होंने ट्वीट किया- ‘अडानी को लेकर 7 फरवरी को लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण के 9 दिन बाद, 16 फरवरी को उनके ख़िलाफ़ मानहानि का मामला शिकायतकर्ता द्वारा HC में अपना स्टे वापस लेने के कारण तेज़ हो जाता है। 27 फरवरी को बहस 1 साल बाद फिर से शुरू हुई। 17 मार्च फैसला रिज़र्व। क्या ये महज संयोग है’?

एक दुसरे ट्वीट में रमेश ने लिखा, ‘नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री से सवाल पूछने की क़ीमत। GST को लेकर प्रधानमंत्री से सवाल पूछने में क़ीमत। चीनी घुसपैठ पर प्रधानमंत्री से सवाल पूछने की क़ीमत। अडानी महाघोटाले पर प्रधानमंत्री से सवाल पूछने की क़ीमत। भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से देश को जोड़ने की क़ीमत’।

बता दें कि राहुल गांधी को गुरुवार को सूरत की एक अदालत ने 2019 के आपराधिक मानहानि मामले में उनकी “सभी चोरों का मोदी उपनाम क्यों है” टिप्पणी पर दो साल कारावास की सजा सुनाई थी। राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के विधायक पूर्णेश मोदी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कई विपक्षी दलों के नेताओं ने सोशल मीडिया पर अपनी राय व्यक्त की और इसे “लोकतंत्र की हत्या” कहा।

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