पाकिस्तान के सिंध प्रांत से आए दिन हिंदुओं के साथ अत्याचार की घटनाएं सामने आती रहती है। ताजा मामला एक विवाहित हिंदू महिला के साथ बलात्कार का है। जानकारी के पाकिस्तान के दक्षिणी सिंध प्रांत में एक विवाहित हिंदू महिला को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। जब पीड़ित महिला ने इससे इंकार किया तो उसे किडनैप कर लिया गया। और फिर कई दिनों तक उसके साथ रेप किया गया। पकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचारों में यह घटना सबसे लेटेस्ट है। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है।
पीड़ित महिला ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो शेयर कर इस घटना के बारे में विस्तार से बताया है। महिला ने बताया कि उमरकोट जिले के सेमारू शहर में उसका रेप किया गया है। महिला ने दावा किया है कि उसे इब्राहिम मंगरियो, पुन्हो मंगरियो और उनके साथी ने किडनैप किया।उन लोगों ने उसे धमकाया और धर्म परिवर्तन करने के लिए कहा. लेकिन जब महिला ने इनकार कर दिया, तो उसके साथ तीन दिनों तक रेप किया गया। वीडियो में महिला ने यह भी बताया है कि किसी तरह अपहरणकर्ताओं से बचने के बाद वह घर आई। इसके बाद वह अपने घरवालों के साथ पुलिस के पास पहुंची, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं किया है।
एक लोकल हिंदू नेता ने इस घटना के विषय में बताया कि अभी तक पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है। उन्होंने कहा, ‘लड़की और उसका परिवार पुलिस स्टेशन के बाहर बैठा रहा लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई केस दर्ज नहीं किया।’
मालूम हो कि ये कोई पहला मामला नहीं है जब किसी हिंदू महिला का अपहरण या उसके साथ रेप हुआ है। इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले जून 2022 में एक हिंदू लड़की करीना कुमारी ने सिंध प्रांत के एक कोर्ट में बताया था कि उसका जबरन इस्लाम में धर्मपरिवर्तन कराया गया और उसकी एक मुस्लिम व्यक्ति से शादी की गई थी। उससे पहले 2022 के मार्च में तीन हिंदू लड़कियों का अपहरण कर लिया गया था और बाद में उनका इस्लाम में जबरन धर्म परिवर्तन कराने के बाद मुस्लिम पुरुषों से शादी कर दी गई थी।
बता दें कि सिंध प्रांत में हिंदू महिलाओं का अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन अब एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। यहां पर बहुत बड़ी संख्या में हिंदू रहते हैं। सिंध के थार, उमरकोट, मीरपुरखास, घोटकी और खैरपुर क्षेत्रों में बड़ी हिंदू आबादी है। इन इलाकों में रहने वाले हिंदू समुदाय के अधिकांश सदस्य मजदूर हैं।
