Wrestlers Protest: खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती संघ के एडिशनल सेक्रेटरी विनोद तोमर को किया सस्पेंड

पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों पर खेल मंत्रालय ने बड़ा एक्शन लेते हुए भारतीय कुश्ती संघ के अतिरिक्त सचिव विनोद तोमर को सस्पेंड कर दिया है। तोमर ने पहलवानों के विरोध प्रदर्शन को साजिश बताया था और कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया था।

खेल मंत्रालय ने अपनेआदेश में बताया है कि विनोद तोमर 29 अक्टूबर 2002 से ही WFI के असिस्टेंट सेक्रेटरी के रूप में तैनात हैं। मंत्रालय ने कहा है कि WFI के असिस्टेंट सेक्रेटरी के रूप में मिलने वाली सैलरी का भुगतान उन्हें SAI की ओर से ही किया जाता है। ऐसे में खेल मंत्रालय ने नेशनल स्पोर्ट्स कोड 2011 के तहत मंत्रालय ने विनोद तोमर को तुरंत प्रभाव से WFI के असिस्टेंट सेक्रेटरी के पद से निलंबित करने का फैसला किया है।

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भारतीय खेल प्राधिकरण को भेजे अपने आदेश में खेल मंत्रालय ने कहा, “WFI की कार्यप्रणाली को लेकर मिली रिपोर्ट्स का मंत्रालय ने गंभीरता से संज्ञान लिया है, जिसमें विनोद तोमर की भूमिका भी शामिल है और उसके पास ये मानने के पर्याप्त कारण हैं कि उनकी मौजूदगी उच्च प्राथमिकता वाले खेल के विकास के लिए अच्छी नहीं होगी।”

खेल मंत्रालय ने WFI का काम-काज देखने के लिए निगरानी समिति का गठन होने तक सभी टूर्नामेंट और गतिविधि भी रोकने का आदेश दिया है। मंत्रालय ने साफ किया कि इस फैसले के चलते उत्तर प्रदेश के गोंडा में चल रहे रैंकिंग टूर्नामेंट को रद्द करने का आदेश भी WFI को दिया गया है। साथ ही टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पहुंचे प्रतिभागियों को उनकी एंट्री फीस लौटाने को भी कहा है। मालूम हो कि ये टूर्नामेंट 21 जनवरी से ही गोंडा में शुरू हुआ, जो WFI के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का गढ़ भी है।

कुश्ती फेडरेशन के अतिरिक्त सचिव विनोद तोमर ने शनिवार को कहा था कि, “आरोप निराधार हैं, ऐसा कुछ नहीं है। 3-4 दिन हो गए हैं और उन्होंने अभी तक कोई सबूत पेश नहीं किया है। मैं पिछले 12 सालों से उनके साथ जुड़ा हुआ हूं और मैंने ऐसा कुछ नहीं देखा।” उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने (बृजभूषण शरण सिंह) इस्तीफा नहीं दिया है। लेकिन जब तक जांच होगी, उन्होंने अपने आपको खुद फेडरेशन की दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों से अलग कर लिया है ताकि जांच में कोई बाधा ना आए।”

वहीं शनिवार को WFI की ओर से खेल मंत्रालय को सभी आरोपों पर जवाब भेजा गया। इस जवाब में पहलवानों द्वारा लगाए सभी आरोपों का सिलसिलेवार ढंग से जवाब दिया गया है। कुश्ती संघ के मनमाने ढंग के काम करने और कुप्रबंधन के आरोप को नकारा गया है। कुश्ती महासंघ ने कहा कि कुश्ती महासंघ चुनी हुई संस्था है जो अपने संविधान के हिसाब से चलती है। इसलिए अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य की मनमानी का सवाल ही नहीं उठता है। वर्तमान अध्यक्ष तीसरी बार चुने गए, उनके नेतृत्व ने कुश्ती संघ ने कई कीर्तमान स्थापित किए हैं’।

बता दें कि पहलवानों ने शुक्रवार देर रात केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ बातचीत के बाद अपना धरना समाप्त करने का फैसला किया था। इस बातचीत के बाद अनुराग ठाकुर द्वारा एक कमेटी की घोषणा की गई थी जो 4 हफ्ते में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। साथ ही कहा गया था जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक कुश्ती संघ का काम भी कमेटी ही देखेगी। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा था कि इस मामले पर निगरानी समिति चार सप्ताह में रिपोर्ट देगी।

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