टाटा और सिंगापुर एयरलाइंस के बीच बन गई बात, मार्च 2024 तक विस्तारा एयरलाइंस और एयर इंडिया का होगा मर्जर

टाटा ग्रुप ने मार्च 2024 तक एअर इंडिया और विस्तारा एयरलाइंस के विलय का फैसला किया है। सिंगापुर एयरलाइंस ने एक बयान जारी कर कहा कि, ‘निदेशक मंडल ने इस मर्जर को मंजूरी दे दी है। मंगलवार 29 नवंबर 2022 को SIA और टाटा संस ने दोनों एयरलाइन के विलय पर अपनी सहमति व्यक्त की’। विस्तारा के विलय हो जाने के बाद एअर इंडिया देश की सबसे बड़ी फुल कैरियर एयरलाइंस होगी, जो देश के साथ दुनियाभर में अपनी सेवाएं देगी। मालूम हो कि ग्रुप ने इसी साल एअर इंडिया का अधिग्रहण पूरा किया था. विस्तारा एयरलाइंस टाटा समूह के सह-स्वामित्व वाली कंपनी है।

इस विलय की प्रक्रिया के तहत सिंगापुर एयरलाइन ने एअर इंडिया में 20,585 मिलियन रुपये इन्वेस्ट किया है। इसके तहत SIA को एअर इंडिया ग्रुप में 25.1% हिस्सेदारी मिल जाएगी। विस्तारा एयरलाइंस में अभी टाटा समूह की 49 प्रतिशत और सिंगापुर एयरलाइंस के पास 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

विस्तारा और एअर इंडिया के अलावा टाटा ग्रुप के पास एयरएशिया इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस भी हैं। टाटा ने 2024 तक एयरएशिया इंडिया का विलय एअर इंडिया एक्सप्रेस में करने का फैसला किया है। इस तरीके से देखें तो कंपनी के चारों एयरलाइंस ब्रांड एक ही बड़े ब्रांड Air India के तहत हो जाएंगे।

सिंगापुर एयरलाइंस के सीईओ गोह चून फोंग ने कहा कि, ‘टाटा ग्रुप भारत में सबसे स्थापित और सम्मानित नामों में से एक है। साल 2013 में विस्तारा एयरलाइंस की शुरुआत के बाद मिले सहयोग के चलते कम समय में ही दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है। इस मर्जर के बाद हमारे पास टाटा के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने का शानदार मौका है’।

इस विलय को लेकर टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने कहा कि, ‘यह एक मील का पत्थर है। ‘Vistara और Air India Merger एअर इंडिया को विश्व स्तरीय एयरलाइन बनाने की यात्रा में महत्वपूर्ण रोल अदा करेगा। हम हर बार, हर ग्राहक को शानदार अनुभव देने के अपने उद्देश्य के आधार पर एयर इंडिया में बदलाव कर रहे हैं। इसके तहक एअर इंडिया के नेटवर्क और बेड़े को बढ़ाने के अलावा ग्राहक सुविधा-सुरक्षा-विश्वसनीयता और समय पर फोकस करते हुए प्रदर्शन सुधारने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं’।

हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता हुआ ग्लोबल इकोनॉमी है। उम्मीद है कि 2027 तक भारत दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा विमानन मार्केट भी है और मांग में बढ़ोतरी देखते हुए आने वाले 10 सालों में हवाई यात्रियों की संख्या दोगुनी से अधिक होने की उम्मीद है।

बता दें कि जनवरी 2022 में टाटा ने एअर इंडिया का अधिग्रहण किया था। ये सौदा 18,000 करोड़ रुपये में पूरा हुआ था। एअर इंडिया के टाटा ग्रुप के पास जाने को ‘होम कमिंग’ की तरह देखा गया क्योंकि साल 1932 में Air India की शुरुआत टाटा ग्रुप ने ही की थी। जे. आर. डी. टाटा ने पहले Tata Airlines के रूप में इसकी नींव रखी थी जिसका नाम बाद में एअर इंडिया कर दिया गया।

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