नवरात्र में गुजरात में मचा हाहाकार , लाशों को अंतिम संस्कार भी नसीब नहीं गुजरात की धरती पर

 

आज से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है, पहे दिन मां दुर्गे के शैलपुत्री के स्वरूप की पूजा की जाती है। परन्तु इस पावन पर्व पर कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण, देश में हाहाकार मचा हुआ है। ख़ासकर गुजरात में नमस्ते ट्रंप सरकार की मदहोशी में पूरे देश में प्रसाद की तरह बांट दिया गया कोविड जैसी महामारी को।

नवरात्र उत्सव का सबसे बड़ा राज्य गुजरात कोरोना के केस और लाशों की बढ़ती संख्या से कहार रहा है। गुजरात सरकार ने कोरोना महामारी को देखते हुए कोविड गाइडलाइंस का पालन करने की हिदायत दी है। संक्रमण न फैल पाए, इसलिए भीड़ भरे आयोजनों को मंजूरी नहीं दी गई है। सभी मंदिर भी बंद रहेंगे 30 अप्रैल तक। पर्व के दरम्यान श्रद्धालु अपने घर में पूजा-पाठ कर सकेंगे। यह पिछले साल जैसी ही स्थिति होगी, तब भी लोग लाॅकडाउन के दौरान मंदिरों में दर्शन नहीं कर पाए थे।

 

प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि, महामारी से बचाव के लिए सरकार ने सख्ती की है। उन्होंने माना कि, शहर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी वजह से पार्ले पॉइंट में अंबिका निकेतन और वराछा में उमियाधाम समेत माताजी के सभी मंदिरों को बंद कर दिया गया है। वैसे बता दिया जाए कि, पिछले साल भी चैत्र नवरात्रि में लॉकडाउन लगा था।

 

 

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