भारत और चीन 21वीं कमांडर-स्तरीय वार्ता के दौरान संवाद बनाए रखने पर हुए सहमत

भारत और चीन के बीच कोर कमांडर स्‍तर की वार्ता 19 फरवरी को हुई। चुशुल-मोल्‍दो सीमा पर बैठक में वार्ता का ये 21वां दौर था। विदेश मंत्रालय ने कहा, बातचीत मैत्रीपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। दोनों पक्ष प्रासंगिक सैन्‍य और कूटनीतिक माध्‍यम से संवाद बनाए रखने पर सहमत हुए।

यह चर्चा पिछले दौर से आगे बढ़ने पर केंद्रित थी, जिसका लक्ष्य पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ शेष क्षेत्रों में पूर्ण विघटन करना था, जिसे भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

दोनों पक्ष प्रासंगिक सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से संचार बनाए रखने पर सहमत हुए और इस अंतरिम अवधि के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में जमीन पर शांति बनाए रखने का आश्वाशन दिया।

इससे पहले पिछले अक्टूबर में भारत-चीन कोर कमांडर स्तर की बैठक का 20वां दौर भारतीय सीमा पर चुशुल-मोल्डो सीमा पॉइंट पर बुलाया गया था। सैन्य वार्ता के पिछले दौर में भारतीय पक्ष ने देपसांग और डेमचोक के जुड़वां घर्षण बिंदुओं पर लंबित मुद्दों के समाधान के लिए जोरदार दबाव डाला था।

2020 में कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता शुरू होने के बाद से, दोनों पक्षों ने पांच घर्षण बिंदुओं – गलवान, पैंगोंग त्सो के उत्तर और दक्षिण तट, और गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स में पेट्रोलिंग पॉइंट (पीपी) 15 और 17 ए क्षेत्र से सैनिकों की वापसी को सफलतापूर्वक सुविधाजनक बनाया है।

भारत ने लगातार इस बात को रेखांकित किया है कि चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाना गतिरोध के समाधान पर निर्भर है।

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