मध्य प्रदेश सरकार ने एवरेस्ट पर्वतारोही मेघा परमार को ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान’ के ब्रांड एंबेसडर पद से हटाया

माउंट एवरेस्ट के शिखर पर पहुंचने वाली मध्य प्रदेश की पहली महिला मेघा परमार, ‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ कार्यक्रम और राज्य डेयरी ब्रांड सांची के ब्रांड एंबेसडर के रूप में हटाए जाने के बाद राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गईं हैं। मेघा के 9 मई को छिंदवाड़ा में एक कार्यक्रम में कांग्रेस में शामिल होने के बाद राज्य सरकार ने यह कदम उठाया। वह मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की उपस्थिति में भव्य पुरानी पार्टी में शामिल हुईं।

कांग्रेस में शामिल होने के एक दिन बाद महिला और बाल विकास विभाग ने मेघा को ‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ कार्यक्रम के राज्य के ब्रांड एंबेसडर के पद से हटाने का फरमान भेज दिया। पांच दिन बाद 15 मई को उनका नाम राज्य के डेयरी ब्रांड सांची के एंबेसडर पद से भी हटा दिया गया।

इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा और आरोप लगाया कि बाद में मेघा को ब्रांड एंबेसडर की भूमिका से केवल इसलिए छुट्टी दे दी गई क्योंकि वह कांग्रेस में शामिल हो गईं। पार्टी के नेता केके मिश्रा ने कहा, “देश को गौरवान्वित करने वाली मेघा परमार को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के ब्रांड एंबेसडर के रूप में हटा दिया गया क्योंकि उनका एकमात्र अपराध कांग्रेस में शामिल होना था।”

एंबेसडर के रूप में अपनी वर्तमान जिम्मेदारी से मुक्त होने पर बोलते हुए, मेघा परमार ने कहा, “बीजेपी के लिए, बेटी बचाओ, बेटी हटाओ बन गया है”।

मेघा परमार ने कहा कि, “मैं एक किसान की बेटी हूं। मैं दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह करने की कल्पना भी नहीं कर सकती थी। कमलनाथ ने मेरी बहुत मदद की। उन्होंने मुझे आर्थिक सहायता दी। नतीजतन, मैं दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह करने में सक्षम हो सकी। कमलनाथ ने फिल्म अभिनेत्रियों की बजाय किसान की बेटी को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया। लेकिन महिला सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली भाजपा सरकार ने उसी किसान की बेटी को ब्रांड एंबेसडर से हटा दिया।”

उन्होंने कहा, ‘महिला सशक्तिकरण को लेकर भाजपा के जो दावे किए जा रहे हैं, वे आज बेनकाब हो गए हैं। शिवराज सरकार की कार्रवाई ने न केवल मेरा अपमान किया है बल्कि महिला सशक्तिकरण को भी अपमानित किया है।

बीजेपी की प्रवक्ता नेहा बग्गा ने कहा कि, ”राजनीति में जाने का निर्णय मेघा परमार जी ने लिया है। कांग्रेस को चुना है। विभिन्न चीजों के एंबेसडर के तौर पर सरकार की योजनाओं को लेकर जा रही थीं। ये स्पष्ट दिखाता है या तो पहले गलत थीं या अब गलत हैं। राजनीतिक विचारधारा उन्होंने चुन ली है तो ये सारे कार्य उन्हें शूट नहीं कर रहे इसलिए अलग किया गया है।”

नौ मई को कांग्रेस की नारी सम्मान योजना के शुभारंभ के दौरान छिंदवाड़ा जिले में कमलनाथ की उपस्थिति में मेघा कांग्रेस में शामिल हुई थीं। उनके सीहोर जिले की विधानसभा सीटों में से एक पर कांग्रेस के टिकट की दौड़ में होने की अटकलें तेज हैं।

हालांकि राज्य सरकार ने अभी तक मेघा परमार और कांग्रेस पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब नहीं दिया है। 22 मई 2019 को मेघा माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचने वाली मध्य प्रदेश की पहली महिला बनीं।

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