हिंसा प्रभावित सूडान में फंसे भारतीयों का पहला जत्था निकासी मिशन ‘ऑपरेशन कावेरी’ के तहत भारत के नौसैनिक जहाज आईएनएस सुमेधा पर स्वदेश के लिए रवाना हुआ। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि जहाज पर सवार 278 लोग पोर्ट सूडान से सऊदी अरब के शहर जेद्दा के लिए रवाना हुए।
बागची ने ट्वीट किया, “ऑपरेशन कावेरी के तहत फंसे हुए भारतीयों का पहला जत्था सूडान से रवाना हुआ। आईएनएस सुमेधा 278 लोगों के साथ पोर्ट सूडान से रवाना हुई।” दूसरी ओर भारतीय वायु सेना के C-130J विमान भी सूडान से 135 भारतीयों को लेकर जेद्दा पहुंच गया है। यह भारतीयों का तीसरा जत्था है। विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने ट्वीट कर कहा है कि जेद्दा पहुंचे सभी लोगों की भारत की आगे की यात्रा जल्द ही शुरू होगी। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ट्वीट करके सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान और अन्य अधिकारियों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
वहीं भारतीय नौसेना का आईएनएस तेग भी मंगलवार को ऑपरेशन कावेरी में शामिल हो गया। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि फ्रिगेट मंगलवार को अतिरिक्त अधिकारियों और फंसे हुए भारतीयों के लिए आवश्यक राहत सामग्री के साथ पोर्ट सूडान पहुंचा। आईएनएस तेग भारतीय नौसेना के लिए निर्मित चौथा तलवार-श्रेणी का फ्रिगेट है।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, “आईएनएस तेग #ऑपरेशन कावेरी में शामिल हुआ। अतिरिक्त अधिकारियों और फंसे हुए भारतीयों के लिए आवश्यक राहत सामग्री के साथ पोर्ट सूडान पहुंचा।” बागची ने आगे ट्वीट किया, “पोर्ट सूडान में दूतावास कैंप कार्यालय द्वारा चल रहे निकासी प्रयासों को बढ़ावा देंगे।”
सूडान से अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए भारत ने सोमवार को ‘ऑपरेशन कावेरी’ शुरू किया है। उससे पहले रविवार को भारत ने कहा था कि उसने फंसे हुए भारतीयों को निकालने के लिए अपनी योजना के तहत जेद्दा में भारतीय वायुसेना के दो परिवहन विमान और पोर्ट सूडान में नौसेना के जहाज आईएनएस सुमेधा को तैनात किया है।
सरकार ने शुक्रवार को कहा था कि वह वर्तमान में पूरे सूडान में रह रहे 3,000 से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पिछले 12 दिनों से सूडान की सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच घातक लड़ाई में कथित तौर पर लगभग 400 लोग मारे गए हैं।
