पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल का मंगलवार को 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 95 वर्षीय दिग्गज राजनेता को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद एक सप्ताह पहले मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रकाश सिंह बादल आईसीयू में थे जब उन्होंने मंगलवार रात 8:28 बजे अंतिम सांस ली। केंद्र सरकार ने बादल के निधन पर दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।
शिअद संरक्षक के निधन की पुष्टि उनके बेटे के निजी सहायक और पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने की। अनुभवी राजनेता का अंतिम संस्कार बठिंडा के बादल गांव में किया जाएगा। उनके पार्थिव शरीर को बुधवार को मोहाली से बादल गांव ले जाया जाएगा।
प्रकाश सिंह बादल के पार्थिव शरीर को चंडीगढ़ के सेक्टर 28 स्थित अकाली दल मुख्यालय लाया गया है, जहां लोग अंतिम दर्शन कर रहे हैं। उसके बाद उनकी शवयात्रा चंडीगढ़ से शुरू होकर बादल गांव जाएगी। अनुभवी राजनेता का अंतिम संस्कार 27 अप्रैल (गुरुवार) को किया जाएगा।
उनकी मृत्यु के बाद जारी एक मेडिकल बुलेटिन में अस्पताल ने कहा, “उपयुक्त चिकित्सा प्रबंधन के बावजूद एस प्रकाश सिंह बादल ने अपनी बीमारी के कारण दम तोड़ दिया”।
फोर्टिस अस्पताल ने हेल्थ बुलेटिन जारी कर बताया कि उन्हें 16 अप्रैल को ब्रोन्कियल अस्थमा (सांस की नलियों में जलन, सिकुड़न, सूजन, ज्यादा बलगम बनने के कारण सांस लेने में समस्या होना) की वजह से भर्ती कराया गया था। इसके बाद 18 अप्रैल को उनकी स्थिति बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में भेज दिया गया था.।वह एनआईवी और एचएफएनसी सपोर्ट पर थे। कार्डियोलॉजी के सपोर्ट में पल्मोनोलॉजी और क्रिटिकल केयर टीम के साथ प्रोफेसर (डॉ) दिगंबर बेहरा उनका इलाज कर रहे थे।
पंजाब के पांच बार के पूर्व मुख्यमंत्री को गैस्ट्राइटिस और ब्रोन्कियल अस्थमा से संबंधित शिकायतों के बाद पिछले साल जून में भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रकाश सिंह बादल की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया और कहा कि वह भारतीय राजनीति की एक महान शख्सियत थे, और एक उल्लेखनीय राजनेता थे जिन्होंने हमारे देश के लिए बहुत योगदान दिया। उन्होंने ट्वीट किया- “श्री प्रकाश सिंह बादल जी के निधन से बेहद दुखी हूं। वह भारतीय राजनीति की एक महान हस्ती थे, और एक उल्लेखनीय राजनेता थे जिन्होंने हमारे देश के लिए बहुत योगदान दिया। उन्होंने पंजाब की प्रगति के लिए अथक रूप से काम किया और कठिन समय में राज्य को सहारा दिया।”
प्रकाश सिंह बादल को ‘एक उल्लेखनीय राजनेता’ कहते हुए, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वरिष्ठ अकाली नेता का निधन उनके लिए ‘व्यक्तिगत क्षति’ है।
कांग्रेस नेता ने भी प्रकाश सिंह बदल के निधन की खबर पर दुःख व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा- “पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के पूर्व अध्यक्ष सरदार प्रकाश सिंह बादल जी के निधन का समाचार दुखद है। वो आजीवन भारत और पंजाब की राजनीति के एक कद्दावर नेता रहे। श्री सुखबीर सिंह बादल समेत उनके सभी शोकाकुल परिजनों और समर्थकों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।”
प्रकाश सिंह बादल को ‘धरती का लाल’ कहते हुए, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘कई दशकों तक पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई’ और ‘किसानों के कल्याण के लिए कई उल्लेखनीय योगदान’ दिए।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी वरिष्ठ अकाली नेता के निधन पर शोक व्यक्त किया।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, “प्रकाश सिंह बादल के निधन पर गहरा दुख हुआ … बादल साहब का पार्टी लाइन से ऊपर उठकर सभी ने सम्मान किया। वाहेगुरु जी दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।” ”
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी प्रकाश सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि उनके निधन से ‘भारतीय राजनीति में एक युग का अंत’ हुआ। उन्होंने ट्वीट किया- “पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता सरदार प्रकाश सिंह बादल जी के निधन की खबर से दुखी हूं। जीवन भर उन्होंने आम लोगों और किसानों के हित में संघर्ष किया … श्री बादल ने लोकतांत्रिक को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।” निस्संदेह, उनका निधन भारतीय राजनीति में एक युग के अंत का प्रतीक है।”
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल का निधन ‘पंजाब की राजनीति में एक बड़ी क्षति है।’
बता दें कि प्रकाश सिंह बादल ने 1970-71, 1977-80 और 2007-2017 तक पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वह पंजाब में सीएम का पद संभालने वाले सबसे कम उम्र के राजनेता भी थे। 8 दिसंबर 1927 को पंजाब के अबुल खुराना गाँव में जन्मे प्रकाश सिंह बादल ने 1950 के दशक में अकाली दल पार्टी के सदस्य के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया। उन्होंने कई बार पंजाब की विधान सभा (MLA) के सदस्य के रूप में कार्य किया और पहली बार 1970 में पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में चुने गए।
प्रकाश सिंह बादल के परिवार में उनकी पत्नी सुरिंदर कौर बादल, बेटा सुखबीर सिंह बादल और बहू हरसिमरत कौर बादल हैं।
