Wrestlers vs WFI: विनेश फोगट का आरोप- यौन उत्पीड़न के शिकायतकर्ताओं की पहचान पुलिस ने की लीक

ओलंपियन पहलवान विनेश फोगट ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने यौन उत्पीड़न के शिकायतकर्ताओं की पहचान लीक की है। साथ ही फोगाट ने कहा कि कुछ भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अधिकारी महिला पहलवानों को धमकी दे रहे हैं और उन पर डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों को वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। .

विनेश फोगट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया जैसे पहलवानों ने दावा किया कि भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख अब धमकी देकर और रिश्वत देकर “पीड़ितों” को तोड़ने के लिए मजबूत रणनीति का उपयोग कर रहे हैं।

विनेश के अनुसार, पुलिस ने पीड़ितों के नाम बृजभूषण को लीक कर दिए हैं। उसके बाद बृजभूषण हरियाणा कुश्ती संघ के महासचिव राकेश और कोच महावीर प्रसाद बिश्नोई का इस्तेमाल उन महिला पहलवानों के परिवारों को धमकाने के लिए कर रहे हैं जिन्होंने डब्ल्यूएफआई प्रमुख के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। फोगाट ने यह भी आरोप लगाया कि पहलवानों ने डीसीडब्ल्यू से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

विनेश ने कहा, “यौन उत्पीड़न के शिकायतकर्ताओं की पहचान पुलिस ने लीक कर दी है। वे धमकियां दे रहे हैं। वे पीड़ितों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं और इसलिए प्राथमिकी दर्ज करने में देरी हो रही है। हमने इस मुद्दे को एनसीडब्ल्यू के समक्ष उठाया है।”

फोगाट ने आगे कहा, “शिकायतकर्ताओं की पहचान की रक्षा करने की जरूरत है। यौन उत्पीड़न के शिकायतकर्ताओं को धमकी भरे कॉल आ रहे हैं, उन्हें लालच दिया जा रहा है, पैसे की पेशकश की जा रही है। उन्हें तोड़ने के लिए सभी तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।”

उन्होंने कहा- “हमने सोचा था कि खेल मंत्रालय हमें न्याय देगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लेकिन हमें न्यायपालिका पर भरोसा है। अगर सुप्रीम कोर्ट इस मामले से जुड़ी हर चीज को अपने अधीन ले लेता है और हमें यकीन है कि कोई खेल नहीं खेला जाएगा, तभी हम धरना स्थल छोड़ देंगे।

इस सवाल पर कि अगर पुलिस प्राथमिकी दर्ज करती है और जांच शुरू करती है तो क्या वे संतुष्ट होंगे? विनेश ने कहा, “कई लोगों के खिलाफ सैकड़ों और हजारों एफआईआर हैं। लेकिन यह न्याय का सवाल है। जब हमें यकीन हो जाएगा कि हम बहकावे में नहीं आएंगे, हम विरोध खत्म कर देंगे, नहीं तो हम यहां हैं।”

मालूम हो कि बजरंग पुनिया, विनेश और साक्षी मलिक सहित देश के शीर्ष पहलवान रविवार को जंतर मंतर धरना स्थल पर लौट आए और डब्ल्यूएफआई प्रमुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। वे यह भी चाहते हैं कि सरकार निगरानी समिति की रिपोर्ट के निष्कर्षों को सार्वजनिक करे, जिसने बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच की थी।

इससे पहले दिन में सुप्रीम कोर्ट ने सात महिला पहलवानों द्वारा दायर एक याचिका के जवाब में दिल्ली सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया, जिसमें बृजभूषण के खिलाफ उनके यौन उत्पीड़न के आरोपों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया गया था। याचिका में कहा गया था कि ये “गंभीर आरोप” हैं, जिस पर विचार करने की आवश्यकता है। सुप्रीम कोर्ट ने शुरू में कहा कि महिला पहलवानों की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। हालांकि, इस विषय को उठाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की कुछ दलीलें सुनने के बाद इस मामले को तुरंत सुनने का निर्णय लिया गया।

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