कर्नाटक में 29 मार्च को हुए विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी रविवार को कोलार पहुंचे। गांधी ने आगामी विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी के सत्ता में आने पर मुफ्त बिजली, वंचित परिवारों के लिए राशन और महिलाओं के लिए 2000 रुपये प्रति माह देने का वादा किया। कोलार में एक रैली को संबोधित करते हुए गांधी ने कर्नाटक के लोगों से चार वादे किए।
राहुल ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, “हमने कर्नाटक के लोगों से 4 वादे किए हैं। पहला, हर घर के परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी। दूसरा, हर महीने हर महिला को 2000 रुपए दिए जाएंगे। तीसरा, हर महीने हर परिवार को 10 किलो मुफ्त में चावल दिए जाएंगे। चौथा, हर महीने 2 साल के लिए कर्नाटक के हर ग्रेजुएट को 3000 रुपए और डिप्लोमा होल्डर को 1500 रुपए प्रदान किए जाएंगे”।
कर्नाटक में कांग्रेस के सत्ता में आने का भरोसा जताते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी के सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में प्रमुख चुनावी वादों को मंजूरी दी जाएगी, जिससे उनके क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त होगा।
राहुल गांधी ने रैली के दौरान कहा, ‘इन योजनाओं को पहले दिन कैबिनेट की पहली बैठक में ही लागू कर दिया जाएगा।’
उन्होंने “जय भारत” रैली में संसद से अपनी अयोग्यता का मामला उठाया। राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री पर निशाना साधने के लिए अडानी का मुद्दा उठाया।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को दो पत्र लिखे, लेकिन उन्हें मौका नहीं दिया गया। रैली को संबोधित करते हुए, राहुल गांधी ने स्पीकर पर अडानी मुद्दे को संसद में रखने के लिए “डरने” का आरोप लगाया।
कोलार में जनसभा को संबोधित करते हुए अडानी का मुद्दा फिर से उठाते हुए राहुल ने कहा, “मैंने संसद में पूछा कि अडानी की शेल कंपनी में 20 हजार करोड़ रुपए किसके हैं? देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि सरकार ने खुद ही संसद नहीं चलने दी। आमतौर पर विपक्ष संसद की कार्यवाही को रोकती है लेकिन पहली बार सरकार के मंत्रियों ने संसद को चलने नहीं दिया।”
राहुल गांधी ने रैली में कहा, “अगर आप पूरे दिल से अडानी की मदद करते हैं, तो हम (कांग्रेस) पूरे दिल से गरीब, बेरोजगार युवाओं और महिलाओं की मदद करेंगे। आप (पीएम मोदी) अपना काम करो, हम अपना काम करेंगे”।
गांधी ने कहा कि भाजपा सोचती है कि मुझे संसद से हटाकर, धमकाकर, डरा देंगे। मैं इनसे नहीं डरता। मैं फिर दोहराता हूं कि प्रधानमंत्री जी यह 20,000 करोड़ रुपए अडानी की शेल कंपनी में किसके हैं? जब तक इसका जवाब नहीं मिलेगा मैं तब तक नहीं रूकूंगा। मुझे अयोग्य घोषित कर दो, जेल में डाल दो कुछ भी कर दो मुझे फर्क नहीं पड़ता।
उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने ठेकेदारों और निजी स्कूलों द्वारा 40 प्रतिशत कमीशन देने के लिए मजबूर करने के आरोप का मुद्दा उठाया और उप-निरीक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि अगर पीएम मोदी वास्तव में अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी), अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के कल्याण के बारे में चिंतित हैं, तो उन्हें डेटा जारी करना चाहिए और जातिगत जनगणना के आधार पर आरक्षण लागू करना चाहिए। उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को मौजूदा 50 फीसदी आरक्षण कैप को हटाने की भी चुनौती दी।
राहुल गांधी ने कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि कांग्रेस पार्टी एकजुट होकर कर्नाटक विधानसभा चुनाव लड़ रही है।”
बता दें कि जनसभा को संबोधित करने वालों में एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कर्नाटक के प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, केपीसीसी प्रमुख डीके शिवकुमार और विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल थे।
