उमेश पाल हत्याकांड: यूपी पुलिस ने आरोपियों पर ढाई-ढाई लाख रुपये का इनाम किया घोषित

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने उमेश पाल हत्याकांड में प्रत्येक आरोपी के लिए 2.5 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है। इस हत्याकांड में गैंगस्टर अतीक अहमद के बेटे असद समेत कुल पांच लोगों को वांटेड घोषित किया गया है, जिनके खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रत्येक आरोपी पर ढाई-ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।

इस बीच ताजा घटनाक्रम में पता चला है कि इस ह्त्या को अंजाम देने के लिए शूटरों ने जिस वाहन का इस्तेमाल किया वह नफीस अहमद का था। पुलिस विभाग के सूत्रों ने खुलासा किया कि प्रयागराज पुलिस आईपीसी की धारा 120-बी (साजिश में शामिल) के तहत नफीस अहमद को बुक करने की तैयारी कर रही है।

कथित तौर पर नफीस अहमद अतीक अहमद के छोटे भाई अशरफ का करीबी है। अतीक उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है। सूत्रों के मुताबिक अतीक अहमद के घर के पास क्रेटा कार बरामद होने के बाद पुलिस नफीस से पूछताछ कर रही है।

उमेश पाल हत्याकांड में शूटरों को नफीस अहमद ने क्रेटा कार दी थी। हालांकि, नफीस ने पुलिस को बताया कि उसने कुछ महीने पहले रुखसार नाम की महिला को कार बेची थी। लेकिन रुखसार कोई और नहीं बल्कि नफीस के छोटे भाई की पत्नी है।

2014 तक नफीस अहमद प्रयागराज के सिविल लाइन इलाके में बिरयानी बेचता था, लेकिन अतीक और उनके छोटे भाई अशरफ से नजदीकियों के चलते आज उनकी बिरयानी की दुकान प्रयागराज में एक ब्रांड बन गई है।

माना जाता है कि अतीक अहमद, जो वर्तमान में अहमदाबाद की साबरमती जेल में है, उसी ने प्रयागराज में गोली चलाने और उमेश पाल की हत्या का आदेश दिया था। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स की जांच में खुलासा हुआ है कि हत्या की साजिश अतीक अहमद ने गुजरात की साबरमती जेल में रहते हुए रची और इसे अंजाम देने के लिए उसने अपने भाई और साथियों की मदद ली।

एसटीएफ ने अतीक अहमद के भाई व हत्याकांड में शामिल व बरेली जेल में बंद आरोपी खालिद अजीम उर्फ अशरफ (अतीक का भाई) से पूछताछ के लिए जेल प्रशासन से संपर्क किया है।

इस बीच उत्तर प्रदेश में अतीक और मुख्तार के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई लगातार जारी है। योगी के कहे मुताबिक़ माफिया को मिट्टी में मिलाने का काम चल रहा है। माफिया मुख्तार अंसारी के बेटों के नाम पर बना दो मंजिला मकान रविवार को जमींदोज कर दिया गया।

बता दें कि 2005 में हुए बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह उमेश पाल की 24 फरवरी को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में उनके आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पांच आरोपियों के खिलाफ धूमगंज थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को पता चला है कि गैंगस्टर अतीक अहमद ने अपने भाई अशरफ के साथ मिलकर उमेश पाल की हत्या की साजिश रची थी।

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