मध्य प्रदेश के बैतूल में बोरवेल में गिरे आठ साल के बच्चे की मौत हो गई है। 80 घंटे से अधिक समय तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आज सुबह करीब 6 बजे बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला गया। उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे के मौत की पुष्टि जनसंपर्क अधिकारी एसके तिवारी ने की। बच्चे की मौत के बाद अब शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके बाद शव परिवार को सौंप दिया जाएगा। पांच दिन पहले आठ साल का मासूम तन्मय करीब 400 फीट गहरे बोरवेल गिर गया था। तन्यम की मौत की खबर सुनते ही मां-बाप फूट-फूट कर रोने लगे।
बच्चे को बोरवेल से बाहर निकालने के लिए 44 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। इसके बाद 12 फीट लंबी सुरंग बना कर उसे बाहर निकाला गया। बीती देर रात जब बचाव दल उसके पास पहुंचा तो उसकी सांस चल रही थी लेकिन 80 घंटे से अधिक समय से बिन कुछ खाये-पिये फंसे रहने की वजह से बच्चे का स्वास्थ्य बुरी तरह से प्रभावित हुआ था। इसलिए उसे तत्काल बोरवेल से निकाल कर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान तन्मय ने दम तोड़ दिया।
6 दिसंबर की शाम 4.30 बजे खेलते हुए तन्मय चाचा के बनवाए गए खुले बोरवेल में गिर गया था। बच्चे की गिरने की खबर मिलने के बाद अगले एक घंटे में ही बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। बच्चे को बोरवेल से निकालने के लिए जिला प्रशासन, एसडीईआरएफ और एनडीआरएफ की टीम जुटी हुई थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे होमगार्ड कमांडेंट एसआर आजमी ने बताया कि बोरवेल में तन्मय 39 फीट पर फंसा हुआ था। बच्चों की नॉर्मल हाइट तीन से चार फीट मानकर हमने 44 फीट तक गड्ढा खोदा गया था। टनल बनाने में NDRF और DSRF के 61 जवान लगे थे।
घटना के बाद से ही पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर डटी हुई थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी लगातार अधिकारियों के संपर्क में बने हुए थे।
