महात्‍मा गांधी व लाल बहादुर शास्‍त्री का जीवन प्रेरणा का स्रोत -कुलपति बोले आजादी और आजाद भारत के विकास में

हरियाणा: महात्‍मा गांधी व लाल बहादुर शास्‍त्री योगदान महत्‍वपूर्ण -गांधी जंयती के अवसर पर विश्‍वविद्यालय में हुए आयोजन स्‍वच्‍छता ही सेवा हो, नशा मुक्ति, अहिंसा परमो धर्म महात्‍मा गांधी के द्वारा भारत व विश्‍व समुदाय को दिए ऐसे विचार हैं जिनकी प्रासंगिकता व आवश्‍यकता मानव विकास की यात्रा में निरंतर बनी हुई हैं। गांधी जयंती के अवसर पर हरियाणा केंद्रीय विश्‍वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ में आयोजित विभिन्‍न कार्यक्रमों के माध्‍यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों व कर्मचारियों ने गांधीजी के इन्‍हीं विचारों को जाना।

 

विश्वविद्यालय द्वारा इस अवसर पर आयोजित दो कार्यक्रमों में मुख्‍य अतिथि व विशेषज्ञ वक्‍ता के रूप में भारत सरकार में राज्‍य मंत्री श्री कौशल किशोर व महात्‍मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय, वर्धा के प्रो. गोपाल कृष्‍ण ठाकुर ने अपने विचार व्‍यक्‍त कर गांधी जी के जीवन और उनके विचारों से प्रतिभागियों को अवगत कराया।

 

विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्‍वर कुमार ने अपने संबोधन में महात्‍मा गांधी व श्री लाल बहादुर शास्‍त्री का स्‍मरण करते हुए कहा कि भारत की आजादी और आजाद भारत के विकास में इन दोनों ही महापुरूषों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। इन दोनों ही ने ही अपने कर्म व विचारों के माध्‍यम से देश व देशवासियों को सर्वधर्म समभाव, विकास व देशभक्ति का मार्ग दिखाया। कुलपति ने कहा कि हम आजादी का अमृत महोत्‍सव मना रहे हैं और यह भी देश के इन्‍हीं वीर सपूतों के कारण संभव हो सका है। कुलपति ने इस मौके पर महात्‍मा गांधी के द्वारा दिखाए गए स्‍वच्‍छता ही सेवा और नशे से दूरी के मंत्र का उल्‍लेख करते हुए कहा कि यह दो ऐसे प्रमुख विचार हैं जिनके माध्‍यम से व्‍यक्ति अपने व अपने देश के विकास में योगदान दे सकता है। कुल‍पति ने इस मौके पर कहा कि हमें अपने जीवन में स्‍वच्‍छता के भाव को अपनाते हुए उसके लिए अन्‍यों को भी प्रेरित करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। कुलपति ने कहा कि देश की प्रगति में योगदान के लिए जरूरी है कि युवा पीढ़ी पूरी उर्जा के साथ अपना योगदान दे और इस प्रयास में नशे से दूरी बेहद जरूरी है इसलिए इस बुराई को अपने आसपास भी न आने दें । कुलपति ने इस अवसर पर देश को आत्‍मनिर्भर बनाने में युवाओं के सक्रिय योगदान का भी उल्‍लेख किया और कहा कि हम इस प्रयास हर कदम पर आपके साथ है।

 

विश्‍वविद्यालय के स्‍कूल ऑफ इंजीनिरिंग एंड टेक्‍नोलॉजी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार में राज्‍य मंत्री श्री कौशल किशोर ने युवा में नशे की लत से बचाव के लिए जागरूकता विषय पर अपने विचार व्‍यक्‍त किए। उन्‍होने कहा कि भारत विश्‍व का एकमात्र ऐसा देश है जिसके पास आज के समय में सबसे मजबूत, सबसे समृध, उर्जावान युवा शक्ति उपलब्‍ध है। आज यह बेहद जरूरी है कि हम इस युवा शक्ति को भटकने से बचाए और इस प्रयास में नशे से दूरी बेहद आवश्‍यक है और इस कार्य में घर, परिवार से अधिक महत्‍वपूर्ण भूमिका शिक्षकों, विद्यालयों व विश्‍वविद्यालयों की है। उन्‍होंने इस मौके पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में देश प्रगति के पद पर अग्रसर है और हम सभी को इस विकास यात्रा में सहभागी बनना होगा। इस कार्यक्रम का आयोजन विशिष्‍ठ अतिथि प्रो. नीलम सांगवान ने भी इस विषय पर अपने विचार व्‍यक्त किए और कहा कि हमें नशे से बचना चाहिए और अपनी उर्जा को अपने, अपने परिवार, अपने समाज, अपने संस्‍थान, अपने राज्‍य व देश के विकास में लगाना चाहिए। इस कार्यक्रम का संयोजन स्‍कूल ऑफ इंजीनिरिंग एंड टेक्‍नोलॉजी के अधिष्‍ठाता डॉ. राजेश कुमार दूबे, श्री अक्षत कांत ने किया। कार्यक्रम के अंत में धन्‍यवाद ज्ञापन शिवम ठाकुर ने प्रस्‍तुत किया।

 

इसी क्रम में विश्‍वविद्वालय के छात्र कल्‍याण अधिष्‍ठाता कार्यालय, आजादी का अमृत महोत्‍सव, राष्‍टीय सेवा योजना (एनएसएस) व यूथ रेड क्रास के द्वारा स्‍वच्‍छता ही सेवा विषय पर केंद्रित ऑनलाइन वेबिनार को संबोधित करते हुए विशेषज्ञ वक्‍ता प्रो. गोपाल कृष्‍ण ठाकुर ने बताया कि गांधीजी ने अपने जीवन में अपना काम स्‍वयं करें का विचार प्रचारित किया। उन्‍होंने इसकी शुरूआत दक्षिण अफ्रीका में ही कर दी थी। गांधीजी का मानना था कि स्‍वच्‍छता चाहिए व हमारे आसपास हो या फिर हमारे समाज या मन में दोनों की स्‍वच्‍छता आवश्‍यक है। प्रो. ठाकुर ने अपने संबोधन में बताया कि गांधीजी ने कहा था कि मैं किसी भी व्‍यक्ति को गंदे पैर से अपने मन में नहीं उतरने दूंगा। इस गंदगी से अभिप्राय बाहरी ही नहीं बल्कि मन की गंदगी को दूर करने से था। इसके लिए गांधी जी ने स्‍वच्‍छता का मंत्र दिया जिसका अनुसरण कर हम अपने मन, आचरण व आसपास स्‍वच्‍छता बनाए रख सकते हैं। उन्‍होंने इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को अपने जीवन में स्‍वच्‍छता का अनुसरण करने का संकल्‍प भी दिलाया। कार्यक्रम के आरंभ में आजादी का अमृत महोत्‍सव अभियान की नोडल ऑफिसर प्रो. सारिका शर्मा ने विषय का परिचय दिया।

 

कार्यक्रम का संचालन एनएसएस व यूथ रेड क्रास के संयोजक डॉ. दिनेश चहल ने किया। इस अवसर पर छात्र कल्‍याण अधिष्‍ठाता प्रो. दिनेश कुमार गुप्‍ता ने धन्‍यवाद ज्ञापन प्रस्‍तुत किया। इस अवसर उप छात्र कल्‍याण अधिष्‍ठाता डॉ. आनंद शर्मा, डॉ. मोनिका सहित शैक्षणिक अधिष्‍ठाता प्रो. संजीव कुमार, शोध अधिष्‍ठाता प्रो. नीलम सांगवान सहित विभिन्‍न विभागों के विभागाध्‍यक्ष, प्रभारी, शिक्षक, विद्यार्थी व शोधार्थी आदि शामिल हुए।

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