दक्षिण अफ्रीका में ब्रिक्स बिजनेस फोरम लीडर्स डायलॉग में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था हासिल करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की स्थिति और आर्थिक लक्ष्य की दिशा में इसकी निरंतर प्रगति पर जोर दिया। पीएम मोदी ने बुनियादी ढांचे, डिजिटलीकरण और विनिर्माण को भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदानकर्ताओं के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देने में ब्रिक्स की क्षमता को रेखांकित करते हुए व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले वर्षों में दुनिया के लिए विकास इंजन बन जाएगा। 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर दक्षिण अफ्रीका पहुंचे मोदी ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा किए जा रहे “मिशन-मोड” सुधारों से देश में व्यापार करने में सुधार हुआ है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। जल्द ही भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा, और इसके पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है और देश में 100 से अधिक यूनिकॉर्न हैं। प्रधानमंत्री मोदी दक्षिण अफ्रीका की यात्रा पर हैं, जो 2019 के बाद से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका वाले ब्रिक्स के पहले व्यक्तिगत शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत में जीएसटी और इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड लागू होने के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र निजी क्षेत्र के लिए खोले गए…प्रौद्योगिकी के उपयोग से भारत ने वित्तीय समावेशन में एक और बड़ी छलांग लगाई है। आज स्ट्रीट वेंडरों से लेकर शॉपिंग मॉल तक यूपीआई का उपयोग किया जा रहा है…हम भारत को सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा,इलेक्ट्रिक वाहन और हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए
सक्रिय रूप से कदम उठा रहे हैं।”
पीएम मोदी ने कहा, “आने वाले वर्षों में भारत विश्व का ग्रोथ इंजन होगा। ये इसलिए है क्योंकि भारत ने आपदा और कठिन समय को आर्थिक सुधारों के अवसर में बदल दिया। पिछले कुछ वर्षों में हमने मिशन मोड में जो सुधार किए हैं उनसे भारत में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में लगातार बढ़ोतरी हुई है…हमने सार्वजनिक सेवा वितरण और सुशासन पर ध्यान केंद्रित किया है। आज भारत में UPI का उपयोग सभी स्तरों पर किया जाता है ..आज दुनिया के सभी देशों में भारत सबसे ज्यादा डिजिटल लेनदेन वाला देश है।”
इससे पहले मंगलवार शाम जैसे ही वह जोहान्सबर्ग पहुंचे, प्रधानमंत्री मोदी का भारतीय समुदाय के सदस्यों ने भव्य स्वागत किया। लोगों के हाथ में भारतीय झंडे थे। वीडियो में पीएम मोदी लोगों से हाथ मिलाते और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाते नजर आ रहे हैं।
वाटरक्लूफ़ वायु सेना अड्डे पर दक्षिण अफ़्रीका के उप राष्ट्रपति पॉल मशाटाइल ने मोदी का स्वागत किया, जहाँ उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने एक सामुदायिक कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान मंदिर का मॉडल भी देखा।
मालूम हो कि दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के निमंत्रण पर मोदी 22 से 24 अगस्त तक अफ्रीकी देश की यात्रा पर हैं। दक्षिण अफ्रीका 2019 के बाद से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका वाले ब्रिक्स के पहले व्यक्तिगत शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। BRICS ब्लॉक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका आते हैं। यह दुनिया की 42 फीसदी आबादी और 27 फीसदी ग्लोबल जीडीपी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
2009 से ब्रिक्स नेताओं ने 14 औपचारिक बैठकें और 9 अनौपचारिक बैठकें की हैं। इससे पहले 2013 में पांचवां वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन दक्षिण अफ्रीका के डरबन में आयोजित किया गया था। इसमें पांच सदस्य देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के सरकार के प्रमुखों ने भाग लिया था। जून 2009 में BRIC नेताओं ने रूस में अपनी पहली बैठक आयोजित की थी।
