संसद सत्र: मणिपुर पर हंगामे को लेकर दोनों सदन मंगलवार सुबह तक के लिए स्थगित, लोकसभा में सिनेमैटोग्राफी संशोधन बिल पास

संसद का मानसून सत्र आज भी हंगामेदार रहा। सोमवार सुबह कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री से बयान की मांग जारी रखी। वहीं सरकार ने कहा है कि वह मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। सरकार ने ये भी आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। लोकसभा में विपक्ष ने प्रधानमंत्री सदन में आओ, तानाशाही नहीं चलेगी, मोदीगीरी नहीं चलेगी… जैसे नारे लगाए। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में कहा कि 10 दिन से हम मणिपुर पर चर्चा की मांग कर रहे हैं, नियम 267 में चर्चा होनी चाहिए।

इस बीच सरकार के सूत्रों का कहना है कि चर्चा के लिए नाम प्रस्तावित करने के बाद, विपक्ष राज्यसभा को चलने से रोक रहा है और मणिपुर हिंसा पर कोई चर्चा नहीं होने दे रहा है।

विपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकसभा और राज्यसभा का अपमान करना बंद करना चाहिए और मणिपुर हिंसा पर बिना किसी समय सीमा के व्यापक चर्चा के लिए संसद में आना चाहिए। राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि पहली प्राथमिकता संसद में मणिपुर की स्थिति पर व्यापक और विस्तृत चर्चा होनी चाहिए, इस तथ्य को देखते हुए कि लोग मारे गए हैं और मुख्यमंत्री ने खुद स्वीकार किया है कि राज्य में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं।

विपक्षी सदस्यों की आवाज तेज होने लगी तो केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य लिबर्टी का मिसयूज कर रहे हैं। गोयल ने राज्यसभा में कहा कि हम मणिपुर के मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं लेकिन विपक्ष सांसद, सदस्यों को मिली आजादी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। सरकार चर्चा चाहती है लेकिन विपक्ष संसद सत्र के अहम नौ दिन पहले ही बर्बाद कर चुका है।

दोपहर सवा 12 बजे जब राज्यसभा के सभापति ने सदन में विपक्ष के नेता खरगे को बोलने का मौका दिया तो सत्ता पक्ष के लोग हंगामा करने लगे। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देखिए, ये इनका नाटक है। हमारी आवाज को दबाना चाहते हैं। धनखड़ ने कहा कि कुछ भी रेकॉर्ड में नहीं जाएगा। सत्ता पक्ष की तरफ से शोरशराबा जारी रहा। राज्यसभा के सभापति ने बार-बार अपील की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। सदन की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित हो गई।

दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद राज्यसभा के सभापति ने कहा कि मणिपुर पर सरकार चर्चा करने के लिए तैयार है। उस पर तारीख और समय दिया जाएगा। राज्यसभा में रूल 267 के तहत नोटिस स्वीकार नहीं है, इसे मैं खारिज कर चुका हूं। इस पर विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे। उन्होंने कहा कि ऐसा क्यों हो रहा है? दरअसल, सत्तापक्ष 176 रूल के तहत चर्चा करना चाहता है। इस पर आज सभापति ने कहा कि मेरे फैसले को स्वीकार नहीं किया जा रहा है और उसे ठुकराया जा रहा है। क्या हम मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार हैं?

कांग्रेस ने सोमवार को सरकार पर विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा न कराकर और इसके बजाय सदन में विधेयक लाकर संसद का अपमान करने का आरोप लगाया। लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार को पहले अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करानी चाहिए। उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों से हिंसा प्रभावित मणिपुर का दौरा करने और वहां की स्थिति को स्वयं समझने का भी आग्रह किया।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने विपक्ष की अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की मांग पर कहा कि अगर आपको याद हो कि 2018 में भी यह जानते हुए भी अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था कि भाजपा और एनडीए के पास बहुमत है। जब भी सभापति चाहेंगे इस पर चर्चा होगी। हम तैयार हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा सासंद इस चर्चा में भाग लें। विपक्ष का असली चेहरा देश के सामने आना चाहिए।

लोकसभा ने आज सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) विधेयक 2023 पारित कर दिया। सिनेमैटोग्राफ (चलचित्र) संशोधन विधेयक का उद्देश्य फिल्म पायरेसी को रोकने और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा दिए गए आयु-आधारित प्रमाणन में सुधार के साथ-साथ सभी प्लेटफार्मों पर फिल्मों और सामग्री के वर्गीकरण में एकरूपता लाना है। सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने सदन के पटल पर सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) विधेयक 2023 पर विचार करने और पारित करने के लिए पेश किया था। सदन में इस विधेयक पर चर्चा के बाद बयान देते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस विधेयक का पारित होना बहुत महत्वपूर्ण है। फिल्म जगत से जुड़े सभी लोगों के अधिकारों को संरक्षण देने वाला और उनके हितों की रक्षा करने वाला विधेयक है।

उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने आज संसद में अपने कक्ष में विपक्ष के नेता (राज्यसभा) मल्लिकार्जुन खड़गे से बातचीत की। संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री, प्रल्हाद जोशी; कानून और न्याय, संसदीय कार्य और संस्कृति राज्य मंत्री, अर्जुन राम मेघवाल; विदेश राज्य मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री वी मुरलीधरन; और संसद सदस्य (राज्यसभा) सैयद नासिर हुसैन भी उपस्थित थे।

मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर हंगामे के कारण सोमवार को राज्यसभा की कार्यवाही चार बार के स्थगन के बाद दोपहर 3.33 बजे पर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा पहले 2 बजे तक और फिर कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पहले मणिपुर का दौरा करने वाले I.N.D.I.A गठबंधन के सांसदों और अन्य विपक्षी नेताओं ने आज संसद भवन में कांग्रेस के संसदीय कार्यालय में एक बैठक की। इस बैठक में विपक्ष की आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। इस बैठक में सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी मौजूद रहे।

मालूम हो कि संसद का मानसून सत्र शुरू होने के बाद से ही विपक्ष मणिपुर में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। विपक्षी सदस्यों के व्यवधान के कारण कई बार दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। कई विपक्षी सदस्य नियम 267 के तहत चर्चा पर जोर दे रहे हैं और उन्होंने संसद में नियमित कामकाज निलंबित करने का नोटिस दिया है।

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