दिल्ली पुलिस ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर गुरुवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर की। दिल्ली पुलिस ने कहा कि नाबालिग महिला पहलवान द्वारा भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृज भूषण सिंह के खिलाफ किए गए दावों में कोई पुष्टिकरण सबूत नहीं मिला। पुलिस ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के समक्ष WFI प्रमुख के खिलाफ POCSO अधिनियम के तहत दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की सिफारिश की। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने पटियाला हाउस कोर्ट में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की। मामले की सुनवाई 4 जुलाई को होगी। रद्द करने की रिपोर्ट उन मामलों में दायर की जाती है जब कोई पुष्टिकारक साक्ष्य नहीं मिलता है।
बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 7 पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों में दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को दो अदालतों- पटियाला हाउस कोर्ट और राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। एक चार्जशीट 6 बालिग महिला पहलवानों की शिकायत पर दर्ज केस में रॉउज एवन्यू कोर्ट में दाखिल की गई जबकि दूसरी चार्जशीट पटियाला कोर्ट में नाबालिग की शिकायत पर दर्ज केस में दाखिल की गई।
नाबालिग के मामले में दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह पर पटियाला हाउस कोर्ट में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की है। अगली सुनवाई 4 जुलाई को होगी। कैंसिलेशन रिपोर्ट उन मामलों में दायर की जाती है जब कोई पुष्टिकारक साक्ष्य नहीं मिलता है। वहीं पहलवानों के यौन शोषण के मामले में दिल्ली पुलिस ने राउज एवेन्य कोर्ट में चार्जशीट फाइल की है। इस पर अब 22 जून को दोपहर 2 बजे सुनवाई होगी।
अप्रैल से डब्ल्यूएफआई प्रमुख के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात की थी, जिसके बाद आरोप पत्र दायर किया गया है। अनुराग ठाकुर ने पहलवानों को 15 जून तक बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था।
WFI प्रमुख के खिलाफ POCSO के आरोपों को हटाने के लिए अदालत के समक्ष 550 पन्नों की रद्दीकरण रिपोर्ट दायर की गई।
नाबालिग पहलवान के मामले पर विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कहा, “पॉक्सो मामले में जांच पूरी होने के बाद, हमने सीआरपीसी की धारा 173 के तहत एक पुलिस रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जिसमें शिकायतकर्ता यानी पीड़िता के पिता और स्वयं पीड़िता के बयानों के आधार पर मामले को रद्द करने का अनुरोध किया गया है।’
सूत्रों ने कहा कि बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली नाबालिग अपने बयान से पलट गई है। उसने अपने बयान में पहले जहां नाबालिग महिला पहलवान ने बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था तो वहीं अब उसने बयान में बदलाव करते हुए कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष पर भेदभाव का आरोप लगाया है।
नाबालिग पहलवान के हवाले से सूत्रों ने कहा, “मेरा चयन नहीं हुआ था। मैंने बहुत मेहनत की थी। मैं अवसाद में थी। इसलिए गुस्से में मैंने यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया।”
सुमन नलवा (पीआरओ, दिल्ली पुलिस) का कहना है कि, ‘पूर्व डब्ल्यूएफआई प्रमुख के खिलाफ धारा 354, 354डी, 354ए आईपीसी के तहत चार्जशीट दायर की गई है। पॉक्सो मामले में हमने कथित पीड़िता के पिता और पीड़िता के बयान के आधार पर रद्द करने की रिपोर्ट दर्ज की है।’
इससे पहले 28 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में WFI प्रमुख के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें एक प्राथमिकी नाबालिग पहलवान के पिता की शिकायत के आधार पर यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) के तहत किया गया था।
वहीं, दूसरी FIR अन्य पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद दर्ज की गई प्राथमिकी में उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाया गया है, जिसके लिए दो से तीन साल जेल की सजा का प्रावधान है।
दोनों FIR में आईपीसी की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 354ए (यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 34 (सामान्य इरादे) का हवाला दिया गया था। पहली प्राथमिकी में 6 पहलवानों के आरोप शामिल हैं और इसमें डब्ल्यूएफआई सचिव विनोद तोमर का भी नाम है। दूसरी FIR एक नाबालिग के पिता की शिकायत पर आधारित थी। जिन घटनाओं का इन दोनों FIR में जिक्र किया गया, वे कथित तौर पर 2012 से 2022 तक भारत और विदेशों में हुईं।
बृजभूषण के खिलाफ लगी धाराओं मे अधिकतम सजा ये है-
– IPC की धारा 354 में 5 साल
– IPC की धारा 354A में 1 साल
– IPC की धारा 354D में 5 साल
– IPC की धारा 506 में 2 साल। ये धरा केवल विनोद तोमर के खिलाफ लगी है।
मालूम हो कि बजरंग पुनिया, विनेश फोगट और साक्षी मलिक सहित कई भारतीय पहलवानों ने बृज भूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। WFI प्रमुख पर कई वर्षों तक महिला पहलवानों का यौन शोषण करने का आरोप लगाया गया है, हालांकि इस आरोप से कैसरगंज के भाजपा सांसद ने इनकार किया है। सभी दावों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा है कि ये विरोध राजनीति से प्रेरित थे और आरोप झूठे थे। पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।
