मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आप नेता सत्येंद्र जैन और अन्य दो अभियुक्त अंकुश जैन और वैभव जैन की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने 11 नवंबर को इन तीनों लोगों की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया था। गुरुवार दोपहर 2 बजे राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विकास ढुल ने अपना फैसला सुनाया।
सत्येंद्र जैन की याचिका खारिज होने के बाद उनके वकील ने कहा कि वो कोर्ट के इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। वकील ने कहा कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान उनके द्वारा दिए गए ठोस दलीलों को दरकिनार किया गया है।
पिछली सुनवाई में सत्येंद्र जैन के वकील ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में कहा था कि, ‘जैन को और न्यायिक हिरासत में रखने का कोई उद्देश्य नहीं है। वह पहले ही लंबे समय से हिरासत में हैं। उनके खिलाफ सीबीआई और ईडी के पास ठोस सबूत नहीं हैं और उनका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं है। ऐसी स्थिति में उन्हें जमानत दे दी जानी चाहिए’।
इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमानत पर फैसले की तारीख 16 नवंबर के लिए तय की थी लेकिन 16 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस विकास ढुल ने कहा था कि तीन आरोपियों में से एक आरोपी पर आदेश अभी नहीं लिखा गया है। सभी तीन आरोपियों की जमानत पर एक साथ फैसला सुनाना है. इसलिए मंत्री की अर्जी पर गुरुवार को दोपहर दो बजे निर्णय सुनाया जाएगा।
बताते चलें कि जांच एजेंसी ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में सत्येंद्र जैन को 30 मई, 2022 को गिरफ्तार किया था। अप्रैल के महीने में एजेंसी ने PMLA एक्ट, 2002 के तहत सत्येंद्र जैन के परिवार और कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की थीं। जैन पर आरोप है कि उन्होंने कई शेल कंपनियां बनाईं और कोलकाता के तीन हवाला ऑपरेटरों की 54 शेल कंपनियों के माध्यम से 16.39 करोड़ रुपये के काले धन को सफेद किया। ये मामला जब सामने आया और आप नेता की गिरफ्तारी हुई। उसके बाद जब एजेंसी ने इस संबंध में उनसे सवाल पूछे तो उन्होंने कोरोना के कारण याददाश्त चले जाने की बात कही थी।
सत्येंद्र जैन से जुड़ी दूसरी खबर आज ये है कि तिहाड़ जेल नंबर सात में तैनात 12 जेल अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया है। इस जेल में ही दिल्ली सरकार के मंत्री और आप नेता सत्येंद्र जैन बंद हैं। ये ट्रांसफर ऐसे समय हुआ है जब दिल्ली के मुख्य सचिव ने जैन को विशेष सुविधाएं देने के लिए नियमों को अनदेखा करने के आरोप में जेल सात के अधीक्षक अजीत कुमार को इसी हफ्ते निलंबित कर दिया था।
बीते दिनों महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने दिल्ली के LG विनय कुमार सक्सेना को एक पात्र लिखा था, जिसमें उसने जेल सुपरिन्टेंडेंट पर जैन को फेवर करने का आरोप लगाया था। सुकेश ने अरविंद केजरीवाल, सत्येंद्र जैन और कैलाश गहलोत के खिलाफ अपनी शिकायत वापस लेने के लिए धमकी मिलने की भी बात कही थी। इसके बाद उपराजयपाल ने जांच कमेटी बनाई थी। इस कमेटी की सिफारिशों के बाद कुमार को सस्पेंड कर दिया गया।
