राजस्थान पुलिस ने प्रतापगढ़ जिले में एक महिला को सरेआम पीटने और निर्वस्त्र करने तथा इस कृत्य को कैमरे में रिकॉर्ड करने के आरोपी पति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में सात अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया है। 20 वर्षीय पीड़िता चार माह की गर्भवती बताई जा रही है। गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में पीड़िता का पति काना मीना और दो अन्य शामिल हैं जिनकी पहचान नाथू मीना और वेलिया मीना के रूप में हुई है। राजस्थान पुलिस ने शनिवार को कहा कि जब पुलिस ने तीनों को पकड़ा तो वे घायल हो गए थे।
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बांसवाड़ा के आईजी एस परिमाला ने कहा, “तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनका इलाज चल रहा है क्योंकि वे पुलिस से भागने की कोशिश में घायल हो गए। जल्द ही और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।”
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दरअसल, मामला प्रतापगढ़ जिले के धरियावद कस्बे के पहाड़ा गांव का है और चार दिन पुराना बताया जा रहा है। यहां की रहने वाली महिला की एक साल पहले शादी हुई थी। उसका पास के गांव के रहने वाले युवक के साथ प्रेम-प्रसंग था। महिला गर्भवती भी है। चार दिन पहले वह अपने प्रेमी के साथ भाग गई थी। जब परिवार को इसकी जानकारी हुई तो परिवार के लोगों ने महिला का पीछा किया और उसे पकड़ लिया। इसके बाद गर्भवती महिला को गांव लाया गया। पति ने महिला को निर्वस्त्र किया गया। इसमें महिला के माता-पिता और परिवार के अन्य लोग भी शामिल रहे। गर्भवती महिला को निर्वस्त्र किए जाने और उसके साथ मारपीट कर गांव में घुमाए जाने का वीडियो शुक्रवार शाम को सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। यह घटना कथित तौर पर 31 अगस्त की शाम करीब 5 बजे की है।
प्रतापगढ़ पुलिस ने वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित न करने की अपील की है।
10 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 294 (अश्लील हरकत), 323 (चोट पहुंचाना), 341 (गलत तरीके से रोकना), 354 (महिला पर हमला करना), 365 (अपहरण), 498 (विवाहित महिला को रोकना) और 504 (किसी का अपमान करना), 506 (आपराधिक धमकी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 (अश्लील सामग्री प्रसारित करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
राजस्थान के प्रतापगढ़ के डीजीपी उमेश मिश्रा ने बताया कि यह निंदनीय कृत्य कथित तौर पर पीड़िता के ससुराल वालों ने किया।
मिश्रा ने कहा, “प्रारंभिक जांच से पता चला है कि पीड़िता के ससुराल वालों ने निंदनीय कृत्य किया। वे नाराज थे क्योंकि वह कहीं और चली गई थी। इसलिए उन्होंने उसका अपहरण कर लिया और उसे अपने गांव ले गए जहां यह भयावह घटना हुई।”
वरिष्ठ पुलिसकर्मी ने यह भी बताया कि सभी संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और पुलिस टीमें आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए काम कर रही हैं।
गहलोत ने कार्रवाई का संकल्प लिया-
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोपी और उसके परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गारंटी दी है। गहलोत ने कहा, “प्रतापगढ़ जिले में पीहर और ससुराल पक्ष के आपसी पारिवारिक विवाद में ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा एक महिला को निर्वस्त्र करने का एक वीडियो सामने आया है। पुलिस महानिदेशक को एडीजी क्राइम को मौके पर भेजने एवं इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सभ्य समाज में इस तरह के अपराधियों की कोई जगह नहीं है। इन अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे डालकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर सजा दिलवाई जाएगी।”
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वसुंधरा राजे ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार की आलोचना की और उस पर राज्य में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामले में राज्य को “नंबर 1” बनाने के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया।
इस बीच, भाजपा ने महिला सुरक्षा पर उनके बड़े दावों के लिए अशोक गहलोत पर हमला बोला।
बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा, “राजस्थान के प्रतापगढ़ का वीडियो चौंकाने वाला है। इससे भी बुरी बात यह है कि राजस्थान में शासन व्यवस्था पूरी तरह से नदारद है। मुख्यमंत्री और मंत्री गुटीय झगड़ों को निपटाने में व्यस्त हैं और बचा हुआ समय दिल्ली में एक राजवंश को खुश करने में व्यतीत हो रहा है। इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि राज्य में महिला सुरक्षा के मुद्दे को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। आए दिन महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न की कोई न कोई घटना सामने आती रहती है। राजस्थान की जनता राज्य सरकार को सबक सिखाएगी।
बीजेपी नेता गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी राहुल गांधी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि वह कब अशोक गहलोत का इस्तीफा मांगेंगे और राजस्थान में राष्ट्रपति शासन की मांग करेंगे।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने राजस्थान के प्रतापगढ़ में हुई दर्दनाक घटना की निंदा की। एनसीडब्ल्यू प्रमुख रेखा शर्मा ने राज्य के डीजीपी को दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने और आवश्यक आईपीसी प्रावधान लागू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, हम 5 दिनों के भीतर एक व्यापक रिपोर्ट की मांग करते हैं।
राजस्थान महिला आयोग की अध्यक्ष रेहाना रियाज ने कहा, ”…महिला आयोग ने वायरल वीडियो पर संज्ञान लिया है। हमने प्रतापगढ़ एसपी और प्रशासनिक अधिकारियों से बात की है। महिला आयोग ऐसे जघन्य अपराधों को कभी भी हल्के में नहीं लेगा। आयोग मामले की रोजाना मॉनिटरिंग करेगा। मैं और मेरी टीम प्रतापगढ़ के लिए रवाना हो रहे हैं। हम कड़ी कार्रवाई करेंगे ताकि भविष्य में कोई इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न कर सके।”
