न्यूयॉर्क से राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला, कहा- “BJP और RSS भविष्य की नहीं सोचते, वे केवल अतीत की बात करते हैं’

अमेरिका में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ओडिशा ट्रिपल ट्रेन दुर्घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है। न्यूयॉर्क में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए राहुल गांधीने कहा कि भाजपा हमेशा पीछे मुड़कर देखती है और दोष मढ़ देती है। उन्होंने कहा, “आप उनसे (भाजपा) कुछ भी पूछिए, वे पीछे मुड़कर देखेंगे और दोष मढ़ देंगे। उनसे पूछिए कि (ओडिशा में) ट्रेन दुर्घटना क्यों हुई, और वे (भाजपा) कहेंगे कि कांग्रेस ने 50 साल पहले ऐसा किया था।”

राहुल गांधी ने कहा, “उनकी तत्काल प्रतिक्रिया है, पीछे देखो (इतिहास में देखो)।” उन्होंने भाजपा और आरएसएस के बीच समानताएं बताते हुए कहा कि उनका दृष्टिकोण पूर्वव्यापी है और वे केवल अतीत को दोष देने की कोशिश कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने कांग्रेस सरकार के तहत एक ट्रेन त्रासदी का भी उल्लेख किया और कहा कि रेल दुर्घटना के मद्देनजर तत्कालीन रेल मंत्री ने नैतिक जिम्मेदारी के रूप में पद से इस्तीफा दे दिया था। ओडिशा में भीषण ट्रेन हादसे के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के इस्तीफे की हालिया मांग की ओर इशारा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी जिम्मेदारी लेने से पीछे नहीं हटी।

गांधी ने कहा- “मुझे एक ट्रेन दुर्घटना याद है जब कांग्रेस सत्ता में थी। कांग्रेस ने ये नहीं कहा कि ‘अब यह अंग्रेजों की गलती है कि ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई’। कांग्रेस मंत्री ने कहा ‘यह मेरी जिम्मेदारी है और मैं इस्तीफा दे रहा हूं।” गांधी ने कहा, ‘हमारे देश में यही समस्या है, हम बहाने बनाते हैं और हम उस वास्तविकता को स्वीकार नहीं कर रहे हैं जिसका हम सामना कर रहे हैं।’

भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपना हमला जारी रखते हुए कांग्रेस के पूर्व सांसद ने कहा, “प्रधानमंत्री भारतीय कार चलाने की कोशिश कर रहे हैं और वह केवल रियर-व्यू मिरर देखते हैं।”

राहुल गांधी ने आगे कहा, यही पीएम मोदी की सोच है। वे भारत की कार चलाना चाहते हैं, लेकिन वे सिर्फ पीछे देख रहे हैं। वे सोच नहीं पा रहे हैं कि कार आगे क्यों नहीं बढ़ रही, बार बार क्यों टकरा रही है? यही बीजेपी और संघ की सोच है। आप मंत्रियों और प्रधानमंत्री को सुनिए, वे सिर्फ इतिहास की बात करते हैं। कोई फ्यूचर की बात नहीं कर रहा है। वे सिर्फ इतिहास के लिए लोगों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

गांधी ने कहा, भारत में अलग-अलग विचारधाराओं की लड़ाई हो रही है। एक बीजेपी की और एक कांग्रेस की, एक तरफ नाथूराम गोडसे की विचारधारा है तो दूसरी तरफ महात्मा गांधी की विचारधार को हम आगे लेकर जा रहे हैं। गांधी जी ने अंग्रेजों से लड़ाई की, जो उस समय अमेरिका से भी बड़ी ताकत थे। आप लोग गांधी, आंबेडकर, पटेल, नेहरू के कदमों पर चल रहे हैं।

अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर ‘मोहब्बत की दुकान’ को प्रचारित किया। उन्होंने कहा- मेरा इरादा आप लोगों के साथ रिश्ता बनाना है जहां आप मुझे कह सकें कि ‘राहुल हम ऐसा सोचते हैं… राहुल आपको अमेरिका के साथ इस तरह के रिश्ते बनाने चाहिए…’। मुझे आपको यह बताने में कोई दिलचस्पी नहीं है कि मैं क्या मानता हूं। मैं यहां आपके साथ ‘मन की बात’ नहीं करना चाहता। आपके मन में क्या है मेरी उस में दिलचस्पी है।

उन्होंने आगे कहा कि ‘उनका काम नफरत फैलाने का है और हमारा काम मोहब्बत बांटने का है। हम आपका काम क्यों करेंगे, हम तो अपना काम करेंगे। भारत में इन्हीं को लेकर चुनौतियां हैं। आज का भारत, आधुनिक भारत मीडिया और लोकतंत्र के बगैर नहीं रह सकता। यहां ऐसे लोग हैं जो जो प्यार और मोब्बत में विश्वास करते हैं। आप यहां रहते हैं तो 24 घंटे मोहब्बत वाला हिंदुस्तान साथ लेकर चलते हैं।’

उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर रोजगार नहीं दिलाएगा। इसके साथ ही पाठ्यक्रमों में बदलाव को लेकर कहा कि, भारतीय कोर्स की किताबों (विज्ञान के पाठ्यक्रम) से पीरियोडिक टेबल हटाई गई, हमें बोलना चाहिए। वैज्ञानिकों को इस पर बात रखनी चाहिए, लेकिन एक डर का माहौल जो लोग इस पर बात नहीं करते हैं।

उन्होंने आगे कहा, “अगर वह कांग्रेस के मंत्री होते, तो उन्होंने कहा होता कि यह मेरी जिम्मेदारी है और मैं इस्तीफा दे देता। लेकिन बीजेपी हमेशा बहाना बनाती है।” मालूम हो कि बीते दिनों उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा भगवान को उपदेश देने के बारे में अपनी टिप्पणी से सुर्खियाँ बटोरीं थी। गांधी ने कहा था, “मुझे लगता है कि अगर आप मोदी जी को भगवान के बगल में बिठाएंगे, तो वह भगवान को समझाएंगे कि ब्रह्मांड कैसे काम करता है और भगवान भ्रमित हो जाएंगे कि मैंने क्या बनाया है।”

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