बिहार के कुछ इलाकों में रामनवमी समारोह के बाद हुए दंगों और आगजनी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरोप लगाया है कि हिंसा एक “साजिश” के हिस्से के रूप में की गई थी। उन्होंने कहा कि मामले की सच्चाई जल्द ही सामने आएगी। नीतीश ने कहा कि, राज्य में अब हर जगह शांति है। हम दोनों जगहों (नालंदा और रोहतास) में स्थिति पर नजर रख रहे हैं। यह प्रशासन की विफलता नहीं थी। कुछ लोगों ने साजिश के तहत जानबूझकर यह अशांति पैदा की है।
बीजेपी पर हमला बोलते हुए कुमार ने कहा कि रामनवमी पर सांप्रदायिक हिंसा, गृह मंत्री अमित शाह की सासाराम की निर्धारित यात्रा के साथ हुई थी। सीएम नीतीश ने कहा है कि, ‘दंगे जानबूझकर कराए गए। सभी अधिकारी जांच में जुटे हैं। कुछ दिन बाद सब पता चल जाएगा। नीतीश ने कहा कि 2 लोग हैं- एक राज कर रहा है और दूसरा उसका एजेंट है। वह दोनों मिलकर ये सब इधर-उधर कर रहे हैं’।
शाह पर कटाक्ष करते हुए नीतीश ने कहा कि गृह मंत्री केवल राज्य के राज्यपाल से बात कर रहे थे और यह उन्हें नहीं हुआ कि वह मुख्यमंत्री के साथ भी स्थिति पर चर्चा करें।
बिहार के सीएम ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर भी जमकर निशाना साधा। नीतीश ने कहा, ‘ओवैसी विपक्ष के भेष में बीजेपी को एजेंट के तौर पर सपोर्ट कर रहे हैं।’ मालूम हो कि ओवैसी ने कई दिनों तक राज्य में फैली सांप्रदायिक अशांति को रोकने में नीतीश की स्पष्ट विफलता के लिए उनकी आलोचना की थी।
बता दें कि 31 मार्च को नालंदा के बिहारशरीफ और रोहतास जिले के सासाराम में झड़पें हुईं, जहां रामनवमी के जुलूस निकाले गए थे। हिंसा के मद्देनजर जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। अगले दो दिनों में छिटपुट हिंसा की भी खबरें आईं। निषेधाज्ञा लागू होने के कारण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का सासाराम दौरा रद्द कर दिया गया था। रामनवमी हिंसा के सिलसिले में अब तक नालंदा में कम से कम 130 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और सासाराम में 43 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले नीतीश कुमार ने कहा था कि घटनाएं “स्वाभाविक” नहीं थीं और उन्हें संदेह है कि एक “बाहरी हाथ” जानबूझकर राज्य में कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है।
