राहुल गांधी के माफीनामे को लेकर बवाल जारी, बीजेपी ने खेला ओबीसी कार्ड तो कांग्रेस ने किया पलटवार

राहुल गांधी के माफ़ीनामें को लेकर संसद में छिड़ा संग्राम अब सड़को पर आ गया है। एक ओर विपक्ष संसद से सड़क तक मार्च कर रही है तो दूसरी और बीजेपी ने भी अब ओबोसी कार्ड खेलना शुरू कर दिया है।

बीजेपी ने राहुल गांधी के बयान कोओबोसी जाति के खिलाफ बताकर माहौल बनाना शुरू कर दिया है। बीजेपी ने इस मसले को लेकर देश भर में जाने का एलान कर दिया है। बीजेपी ने साफ किया है कि 6 अप्रैल को भाजपा के स्थापना दिवस से लेकर 14 अप्रैल अम्बेडकर जयंती तक इस मुद्दे पर बीजेपी ओबीसी मोर्चा गाँव गाँव चलो, घर घर चलो अभियान चलाएगी और राहुल गांधी ने जो ओबोसी समाज की तौहीन की है वो जनता तक पहुंचाएगी।

मंगलवार सुबह केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि, ‘राहुल गांधी ने एक मैगजीन इंटरव्यू में कहा कि PM नरेंद्र मोदी की ताकत उनकी छवि है और राहुल गांधी ने 4 मई 2019 में एक मैगजीन इंटरव्यू में प्रण लिया कि मैं PM मोदी की छवि पर प्रहार करता रहूंगा जब तक उस छवि को नष्ट ना कर दूं। गांधी परिवार ने सत्ता में रहते हुए PM मोदी की छवि खराब करने की पूरी कोशिश की लेकिन वे ना जनता का प्रेम PM मोदी के लिए कम कर सके और ना जनता का साथ। अपनी राजनीतिक बौखलाहट में राहुल गांधी का PM के प्रति विष देश के प्रति अपमान में परिवर्तित हो चुका है। PM मोदी का अपमान करने की कोशिश में राहुल गांधी ने पूरे ओबीसी समुदाय का भी अपमान किया। यह पहली बार नहीं है जब गांधी परिवार ने दलित या पिछड़े समुदाय के लोगों का अपमान किया है। जब आदिवासी परिवार की महिला राष्ट्रपति बनी तब भी गांधी परिवार के आदेश पर द्रौपदी मुर्मू जी का अपमान कांग्रेस के नेतृत्व ने किया’।

इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘PM मोदी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी OBC के ठेकेदार ना बनें। OBC के नाम पर ये बस सियासत करना चाहते हैं। हिंदुस्तान के OBC को आसानी से गुमराह नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी से भागते हुए PM मोदी आज स्मृति ईरानी को तैनात कर रहे हैं’।

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बयान को निम्न स्तरीय बताया। उन्होंने महिलाओं पर हो रहे अत्याचार, बलात्कार और अपराधों के मामलों में स्मृति ईरानी की चुप्पी पर सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा ‘स्मृति ईरानी जी आप विक्टिम कार्ड क्यों खेलती हैं? मेरा एक सवाल है- आप लखीमपुर-हाथरस कांड, शाहजहांपुर यौन शोषण पर चुप रहती हैं। आप तब भी चुप रहती हैं जब BJP सांसद, एक महिला सांसद-एक विधायक को ‘वैशाली की नगर-वधु’ कहता है? आप इस देश से माफी मांगिए’।

श्रीनेत ने आगे कहा- राहुल जी ने पूछा है-

1. अडानी 609 से नं. 2 पर कैसे आए?
2. अडानी कॉन्ट्रैक्ट पाने विदेशों में आपके साथ कहां गए?
3. SBI-LIC का पैसा अडानी की कंपनी में क्यों लगाया?
4. क्या बेरोजगारी, महंगाई मुद्दा नहीं रह गया है?

और इन्हीं सवालों से मोदी जी परेशान हो गए हैं।

इस बीच राहुल गांधी ने लोकसभा सचिवालय के डिप्टी सेक्रेटरी को पत्र लिखा है। राहुल गांधी ने इस पत्र में लिखा है कि मेरा आवास रद्द करने को लेकर आपके पत्र के लिए धन्यवाद। उन्होंने अपने पत्र में लोकसभा के निर्वाचित सदस्य के रूप में अपने चार साल के कार्यकाल को सुखद बताया है और साथ ही ये भी कहा है कि निश्चित रूप से आपके निर्देशों का पालन करेंगे।

इससे पहले मंगलवार सुबह राज्यसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद भवन स्थित कांग्रेस संसदीय दल के कार्यालय में पार्टी के राज्यसभा और लोकसभा सांसदों के साथ बैठक की। इस बैठक में पार्टी ने संसद में क्या रुख रहे, इसे लेकर रणनीति पर मंथन किया।

मंगलवार को संसद में भी राहुल गांधी के लंदन वाले बयान और अडानी मुद्दे पर जेपीसी की मांग को लेकर खूब हंगामा हुआ। अब राहुल गांधी की सांसदी जाने और जेपीसी को लेकर हंगामा हो रहा है। हंगामे और नारेबाजी के कारण आज भी संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही नहीं चल सकी।

बता दें कि बीजेपी को लगता है राहुल गांधी के बयान को जोर-शोर से उठाने पर विपक्ष बैकफुट पर जा सकती है। एक दिन पहले ही कम से कम 18 विपक्षी दलों के नेताओं ने कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर मुलाकात की थी और आरोप लगाया था कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार लोकतंत्र को नष्ट कर रही है। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अपने अभियान को जारी रखने का भी फैसला किया।

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