Breaking- सरकार के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन जारी, विपक्षी सांसदों ने निकाला मार्च, अडानी मुद्दे पर JPC की मांग कर रहा है विपक्ष

कांग्रेस ने राहुल गांधी की सजा का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरने का फैसला किया है। मानहानि के मामले में सूरत की एक अदालत द्वारा राहुल गांधी को दोषी ठहराए जाने के तुरंत बाद मुख्य विपक्षी दल ने बड़े पैमाने पर आंदोलन की घोषणा की है और कहा कि वह न केवल कानूनी रूप से बल्कि राजनीतिक रूप से भी इस मामले को लड़ेगी। कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में अपनी संचालन समिति के सदस्यों, पीसीसी अध्यक्षों, सीएलपी नेताओं और फ्रंटल संगठन प्रमुखों की भी एक तत्काल बैठक बुलाई है।

राहुल गांधी को मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद शुक्रवार सुबह संसद में कांग्रेस के संसदीय ऑफिस में कांग्रेस सांसदों की बैठक हुई। इस बैठक में राहुल गांधी भी शामिल हुए। इसके अलावा पार्टी चीफ मल्लिकार्जुन खरगे और यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी भी बैठक में मौजूद रहे।

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के चेम्बर में विपक्षी दलों की भी बैठक हुई। साथ ही उन्होंने अडाणी मामले पर JPC जांच की मांग को लेकर चर्चा की।

अडानी समूह से जुड़े मामले की जांच की मांग को लेकर विपक्ष ने आज संसद से मार्च भी निकाला। संसद भवन से शुरू हुए विपक्ष के मार्च को दिल्ली पुलिस ने विजय चौक से आगे जाने की इजाजत नहीं दी। इस मार्च से बिहार में महागठबंधन सरकार की अगुवाई कर रही जनता दल यूनाइटेड ने दूरी बना ली। हालांकि कई विपक्षी पार्टियों के सांसद मार्च में शामिल हुए। दिल्ली पुलिस ने विजय चौक पर प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सांसदों को हिरासत में भी लिया। कांग्रेस के विजय चौक पर विरोध प्रदर्शन में “डेमोक्रेसी इन डेंजर” का बैनर भी देखा गया।

विपक्षी दलों के विरोध के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राहुल गांधी को संसद में बोलने की अनुमति नहीं है। खरगे ने कहा, “इसका मतलब है कि वे आपको लूटना जारी रखेंगे। राहुल गांधी ने आज पत्र लिखकर बोलने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई। अगर ऐसा ही चलता रहा तो इस देश में निरंकुशता और तानाशाही आ जाएगी।”

खरगे ने कहा- “हम जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) की मांग के लिए यहां विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पीएम मोदी लोगों से कुछ छिपाना चाहते हैं। ललित मोदी, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने सरकार से करोड़ों रुपये लूटे और इस देश से भाग गए और पीएम मोदी हैं।” उनके बारे में नहीं बोल रहे हैं”।

वहीं विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों के ‘मनमाने’ इस्तेमाल के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में चौदह राजनीतिक दलों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। शीर्ष अदालत 5 अप्रैल को याचिका पर विचार करने के लिए सहमत हो गई है।

दूसरी तरफ बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शुक्रवार को दावा किया कि राहुल गांधी को तथ्यों से कोई संबंध नहीं रखने वाले मनगढ़ंत आरोप लगाने की आदत है।नड्डा ने ट्वीट कर कहा- कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को तथ्यों से परे और मनगढ़ंत आरोप लगाने की आदत है। 2019 लोकसभा चुनाव के पहले राहुल ने राफ़ेल के नाम पर देश को भ्रमित करने की कोशिश की। जिसको लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई और राहुल गांधी को मनगढ़ंत आरोप के लिए बिना शर्त माफ़ी माँगनी पड़ी थी।

नड्डा के बयान पर जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा कि, “JP नड्डा हमेशा की तरह तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहे हैं और बदनाम करने की राजनीति कर रहे हैं। वे ऐसा करके नीरव मोदी और ललित मोदी का बचाव कर रहे हैं। इस सच को सामने आना ही था और अब आ गया है। आपकी ईमानदारी के लिए धन्यवाद नड्डाजी। अब कृपया अडानी पर भी थोड़ी ईमानदारी दिखाएं”।

दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर भारी सुरक्षा के बीच पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी राहुल गांधी को दोषी ठहराए जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

बता दें कि संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के नौवें दिन शुक्रवार को राहुल गांधी के लंदन में दिए गए बयान पर बीजेपी ने एक बार फिर संसद में उनकी माफी की मांग की। भाजपा का कहना है कि राहुल की संसद सदस्यता रद्द कर दी जाए। इस मुद्दे पर लोकसभा में आज फिर खूब हंगामा हुआ। विपक्ष ने भी अडाणी मामले पर JPC की जांच की मांग को लेकर हंगामा किया।

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