बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं लेकिन इस बार अपनी फिल्मों की वजह से नहीं, बल्कि एक कानूनी मामले की वजह से। मालूम हो कि सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट ने वर्ष 2012 और 2016 में अनुष्का के खिलाफ एक्शन लेते हुए उन्हंा कुछ टैक्स जमा करने के लिए नोटिस जारी किया था। अब उसी एक्शन को अनुष्का शर्मा ने बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट सुनवाई करने के लिए राजी भी हो गया है। इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सेल्स डिपार्टमेंट को जवाब देने के लिए कहा है। 6 फरवरी को इस मामले में अगली सुनवाई होगी।
पूरा मामला क्या है?
सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट ने मांग की थी कि अनुष्का शर्मा 5 फीसदी टैक्स जमा करें। इसके पीछे तर्क दिया गया था कि अनुष्का ने कई प्रोडक्ट्स को प्रमोट किया है और अवॉर्ड शो को होस्ट किया है। अनुष्का का कहना था कि सेल्स डिपार्टममेंट ने उन पर फिल्म एक्ट्रेस के रूप में नहीं, बल्कि प्रोडक्ट इंडोर्समेंट और अवॉर्ड फंक्शन की एंकरिंग के लिए टैक्स लगा दिया। लेकिन अनुष्का का साफ कहना था कि इन कार्यक्रमों में उन्होंने सिर्फ और सिर्फ बतौर कलाकार परफॉर्म किया था। उनका यशराज फिल्म्स, और निर्माताओं और कार्यक्रम आयोजकों के साथ त्रि-पक्षीय समझौता था।
अनुष्का ने अपनी याचिका में भी इस बात पर भी जोर दिया है कि वीडियो का कॉपीराइट हमेशा निर्माता के पास रहता है, वहीं उसका मालिक होता है, उन मामलों में कलाकार का कोई रोल नहीं रहता।
बता दें कि इस मामले में इससे पहले भी अनुष्का शर्मा की तरफ से याचिका दायर की गई थी लेकिन वो याचिका उनके लिए टैक्सेशन कंसल्टेंट द्वारा दायर की गई थी जिस बात से कोर्ट नाराज हो गया था। कोर्ट ने कहा था कि अनुष्का खुद इस मामले में याचिका दायर क्यों नहीं कर सकती हैं? कोर्ट की उस फटकार के बाद नई याचिका खुद अनुष्का शर्मा ने ही दायर की है और उस मामले में सुनवाई 6 फरवरी को होने वाली है।
इस मामले में अनुष्का शर्मा ने पहले Appellate authority का भी रुख किया था। उनकी तरफ से 2011-2012 में याचिका दायर की गई थी। अनुष्का के अनुसार तब सेल्स डिपार्टमेंट के ऑडर पर रोक लग गई थी। लेकिन इसके बाद 2021 में फिर उन्हें उसी पुराने मामले को लेकर नोटिस जारी कर दिया गया। इस कारण उन्होंने मामले को बॉम्बे हाई कोर्ट में उठाया। अनुष्का की याचिका में तर्क दिया गया है कि सेल्स टैक्स तब किसी पर लगाया जाता है जब ये साबित हो कि किसी सामान की बिक्री हुई है। ऐसे में जब तक ये सिद्ध नहीं हो जाता कि कुछ बेचा गया है, सेल्स टैक्स कैसे लगाया जा सकता है? अब इस मामले में सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट को जवाब दाखिल करना है।
