Manipur Attack on Security Force: मणिपुर में सुरक्षाबलों के काफिले पर उग्रवादियों ने बड़ा हमला किया हैं।आज सुबह करीब 10.30 बजे साउथ मणिपुर में Sialsi गांव के पास उनके काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया। जिसके बाद दोनों तरफ से फायरिंग हुई। कमांडिंग ऑफिसर कल Behiang कंपनी पोस्ट गए थे और वहां से लौट रहे थे। जब यह हमला हुआ।
चुराचांदपुर एरिया में उग्रवादियों के हमले में 46-असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर, उनकी पत्नी और बच्चे की मौत, 4 और सैनिकों की मौत की खबर भी आ रही है। हालांकि सेना की तरफ़ से फ़िलहाल इस बारे में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक यह हमला घात लगाकर किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले से घात लगाकर बैठे आतंकियों ने इस हमले को अंजाम दिया। असम राइफल्स यूनिट के काफिले में क्विक रिएक्शन टीम के साथ ही कमांडिंग ऑफिसर और उनका परिवार भी शामिल था। वारदात के बाद पूरे इलाके को घेर कर तलाश शुरू कर दिया गया है। यह इस क्षेत्र में वर्षों में हुए सबसे घातक हमले में से एक है।
इस आतंकी हमलें में मणिपुर की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का हाथ बताया जा रहा है।
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस हमले को कायरतापूर्ण बताते हुए निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। पैरा मिलिट्री और राज्य के सुरक्षाबल उग्रवादियों को ढूंढकर ठिकाने लगाने के काम में जुट गए हैं।’
मणिपुर में सेना की टुकड़ी पर आईडी हमले की जानकारी मिली है। खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि सेना की टुकड़ी पर घात लगाकर बैठे आतंकियों ने हमला किया गया। हमले के पीछे मणिपुर की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का हाथ बताया जा रहा है।
क्या है मणिपुर की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का इतिहास-
मणिपुर की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का गठन 1978 में किया गया था। इसे भारत सरकार ने आतंकी संगठन घोषित किया है। मणिपुर में यह संगठन धोखे से भारतीय सुरक्षाबलों पर पहले भी हमले करता रहा है। इसका संगठन का गठन बिश्वेसर सिंह ने किया था। यह आतंकी संगठन स्वतंत्र मणिपुर की मांग करता रहा हैं।

