प्रतापगढ़ भाजपा सांसद मारपीट मामले में पूर्व कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी और उनकी बेटी पर गम्भीर धाराओं में FIR

प्रयागराज: मंडल के प्रतापगढ़ जिले में शनिवार को हुए विवाद ने पूरी तरह राजनीतिक रूप ले लिया है। पुलिस एक्शन के मूड में है। सांसद संगमलाल गुप्ता पर हुए हमले में कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी सहित 27 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
वहीं इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि जब पहले से ही दोनों दलों के नेताओं को आना तय था तो फिर पुलिस को एलर्ट रहना चाहिए था।इसी लापरवाही में सीईओ लालगंज जगमोहन सिंह पर गाज गिरी है और उनको निलंबित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि अभी और लोगों पर भी गाज गिर सकती है। वहीं प्रमोद तिवारी और मोना मिश्रा सहित अन्य पर एफआईआर दर्ज होने से सांगीपुर के व्यापारियों में अपनी दुकानें बंद कर आक्रोश व्यक्त किया है।उनकी मांग मुकदमें वापस लेने की है।
उल्लेखनीय है कि प्रतापगढ़ जिले के सांगीपुर ब्लॉक सभागार में शनिवार को गरीब कल्याण मेले का आयोजन किया गया था। इसमें जारी हुए प्रोटोकॉल के मुताबिक सांसद संगमलाल गुप्ता को बतौर मुख्य अतिथि दोपहर एक बजे वहां पहुंचना था लेकिन वह देर से पहुंचे। इस बीच कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी एवं उनकी बेटी रामपुरखास विधायक आराधना मिश्र (मोना) लगभग 2 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गईं। समर्थक नारेबाज़ी करते हुए उन्हें मंच तक ले गए। इसी के ठीक पांच मिनट बाद प्रतापगढ़ के भाजपा सांसद संगम लाल गुप्ता भी पहुंचे तो उनके समर्थक भी नारेबाजी करते हुए उन्हें मंच तक ले गए। इसी में माहौल गर्म हो गया और दोनों ओर से समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
इसी दौरान उत्तेजना में दोनों समर्थक भिड़ गए और मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान सांसद संगमलाल गुप्ता पर भी हमला बोला गया था। हमले में घायल सांसद संगमलाल गुप्ता ने सीएचसी लालंगज में मेडिकल कराया। इसके बाद सांसद ने लालगंज कोतवाली में पुलिस अधीक्षक को संबोधित तहरीर दी। पुलिस को दी गई तहरीर में सांसद ने आरोप लगाया है कि पूर्व नियोजित योजना के तहत कार्यक्रम में पहुंचने पर प्रमोद तिवारी उन पर हमलावर हो गए। सांगीपुर एसओ ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो प्रमोद तिवारी ने भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं को मारना-पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोना मिश्रा के ललकारने पर कांग्रेस के कार्यकर्ता जान से मारने की नीयत से उनके ऊपर टूट पड़े। इस बीच पुलिस कर्मियों ने किसी तरह उन्हें खींचकर बाहर निकाला।सांसद ने एफआईआर में शिकायत की है कि लाठी डंडे से हमला किया गया। कई गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। किसी तरह सुरक्षा कर्मी उन्हें लेकर मौके से भागे तो उनकी जान बची। 
इस तहरीर पर पुलिस ने कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा उर्फ मोना, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, सांगीपुर के ब्लाक प्रमुख अशोक सिंह बबलू सहित 27 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ आइपीसी की धारा 147,148,149, 307, 323, 336, 504,506, 427 एवं 7 सीएलए एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।कुल 77 लोगों को आरोपी बनाया गया है। प्रमोद तिवारी, आराधना मिश्रा और उनके सैकड़ों समर्थकों पर गम्भीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हुई 5  मुक़दमे दर्ज हुए हैं। सांसद संगम लाल की तहरीर पर पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी, विधायक आराधना मिश्र मोना समेत  27 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। देवेंद्र सिंह की तहरीर पर पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी, विधायक आराधना मिश्र मोना समेत 5 लोगो के खिलाफ नामजद एफआईआर।अभिषेक मिश्र की तहरीर पर प्रमोद तिवारी, आराधना मिश्र मोना समेत 7 नामजद और  2 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज।ओम प्रकाश पांडेय की तहरीर पर प्रमोद तिवारी , विधायक आराधना मिश्र समेत 8 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ़ मामला दर्ज।और कांस्टेबल सुनील कुमार  की तहरीर पर प्रमोद तिवारी, विधायक आराधना मिश्र मोना समेत  3 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ एससी/एटी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी और विधायक आराधना मिश्रा मोना पर मुकदमा दर्ज होने से कांग्रेसियों में आक्रोश है। क्षेत्र के व्‍यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर विरोध जताया।

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