झारखंड HC से हेमंत सोरेन को बड़ी राहत, जमीन घोटाले में मिली जमानत

झारखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमानत दे दी। मामले की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय ने सोरेन, आईएएस अधिकारी और रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन, भानु प्रताप प्रसाद और अन्य सहित 25 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था। अपनी गिरफ्तारी के समय, सोरेन ने अपने खिलाफ जमीन हड़पने के आरोपों से दृढ़ता से इनकार किया था और कहा था कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने राजनीतिक प्रतिशोध के तहत उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला थोपा।

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इससे पहले गुरुवार (13) जून की सुनवाई के दौरान ईडी और बचाव पक्ष की ओर से बहस पूरी कर ली गई थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। हेमंत सोरेन की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस रंगोन मुखोपाध्याय की कोर्ट में सुनवाई हुई थी।

झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के कुछ ही मिनट बाद उन्हें 31 जनवरी को रांची राजभवन से गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं इसी केस में अफसर अली, जेएमएम नेता अंतू तिर्की, प्रियरंजन सहाय, विपिन सिंह और इरशाद समेत अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो चुकी है।

22 जून को, प्रवर्तन निदेशालय ने सोरेन और अन्य के खिलाफ कथित भूमि हड़पने से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत रांची में छापे के बाद 1 करोड़ रुपये नकद और 100 जिंदा गोलियां जब्त कीं थीं।

सोरेन को जमानत दिए जाने के कुछ घंटों बाद, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक्स पर कहा कि वह इससे “बहुत खुश” हैं।

ममता बनर्जी ने कहा, “एक महत्वपूर्ण आदिवासी नेता और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक मामले के कारण इस्तीफा देना पड़ा था, लेकिन आज उन्हें माननीय उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई है! मैं इससे बहुत खुश हूं और मुझे यकीन है कि वह अपनी सार्वजनिक गतिविधियाँ तुरंत शुरू कर देंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “हेमंत, हमारे बीच आपका दोबारा स्वागत है।”

इस बीच, भूमि घोटाला मामले में जमानत मिलने के बाद रांची में सोरेन के आवास पर मिठाइयां बांटी गईं।

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हेमंत सोरेन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप ‘भूमि माफिया’ के सदस्यों के साथ उनके कथित संबंधों के अलावा कुछ अचल संपत्तियों के कथित अवैध कब्जे से संबंधित हैं। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार यह जांच झारखंड में “माफिया द्वारा भूमि के स्वामित्व में अवैध परिवर्तन के एक बड़े रैकेट” से जुड़ी है।

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