खालिस्तानी हमदर्द अमृतपाल सिंह की तलाश तेज करते हुए राजस्थान और पंजाब पुलिस समेत केंद्रीय एजेंसियों ने सीमावर्ती राज्यों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सूत्रों ने कहा कि पुलिस ने भगोड़े के बारे में कुछ प्रासंगिक जानकारी एकत्र की है, लेकिन तलाशी अभियान समाप्त होने तक जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा। फिलहाल अधिकारी भगोड़े को पकड़ने के लिए हनुमानगढ़-गंगानगर क्षेत्र में बड़ा तलाशी अभियान चला रहे हैं।
पंजाब पुलिस द्वारा बुधवार को पंजाब के गुरदासपुर जिले के बटाला रेलवे स्टेशन पर भगोड़े खालिस्तानी हमदर्द को “वांछित व्यक्ति” घोषित करने वाले पोस्टर चिपकाए जाने के बाद हाई अलर्ट आया है। पोस्टर में लिखा है- “जिस किसी को भी उसके (अमृतपाल) बारे में कोई जानकारी है, वह उसे नीचे दिए गए मोबाइल नंबरों पर साझा कर सकता है। जानकारी प्रदान करने पर उचित इनाम दिया जाएगा।” पोस्टरों में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुखबिर का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हनुमानगढ़ जिले में संगरिया इलाके के एक गांव में उसके छिपे होने की जानकारी मिली है। यह इनपुट मिलते ही राजस्थान पुलिस ने हनुमानगढ़ और उससे सटे चार अन्य जिलों- श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर में सर्चिंग शुरू कर दी है। अमृतपाल 27 दिन से पंजाब पुलिस को चकमा दे रहा है।
पंजाब पुलिस की टीमें राजस्थान भी पहुंची हैं। DGP उमेश मिश्रा ने पुलिस मुख्यालय में एक ब्रीफिंग के दौरान सिर्फ इतना ही कहा कि हम कामयाबी के करीब हैं। पपलप्रीत सिंह की गिरफ्तारी के बाद से ही अमृतपाल के श्री हरमंदिर साहिब, श्री दमदमा साहिब या श्री आनंदपुर साहिब में सरेंडर करने की चर्चाएं चल रही हैं। इसके बाद से ही तीनों तख्तों पर सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है।
अमृतपाल और पपलप्रीत सिंह 18 मार्च को फरार हुए थे, तभी से अमृतपाल के छिपने और भागने में पपलप्रीत मदद कर रहा था। अमृतपाल जिन लोगों के पास गया, वे सभी पपलप्रीत सिंह के करीबी थे। पपलप्रीत सिंह की गिरफ्तारी के बाद से ही अमृतपाल सिंह पर पुलिस दबाव बढ़ाती जा रही है।
बता दें कि अमृतपाल सिंह और उसके समर्थकों ने फरवरी में अजनाला थाने पर धावा बोल दिया था और पुलिस अधिकारियों के साथ हिंसक झड़प की थी। अमृतपाल सिंह के करीबी सहयोगी लवप्रीत तूफान की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने बंदूक और तलवारें लेकर थाने पर धावा बोल दिया था। अमृतपाल सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देते हुए कहा था कि उनका हश्र पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जैसा होगा। इस मामले में अब तक उसके करीबी पापलप्रीत सिंह समेत 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
