हरियाणा के नूंह में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में आरोपी बनाए गए हरियाणा कांग्रेस विधायक मामन खान को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। हरियाणा पुलिस के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद की यात्रा के बाद हुई हिंसा में उसकी संलिप्तता के पर्याप्त सबूत थे। फिरोजपुर झिरका से विधायक मामन खान ने गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग करते हुए मंगलवार को अदालत का दरवाजा खटखटाया था। मामन ने दावा किया था कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया जा रहा है, क्योंकि जिस दिन हिंसा भड़की थी उस दिन वह नूंह में मौजूद भी नहीं थे।
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हरियाणा सरकार ने शुक्रवार को जिले में मोबाइल इंटरनेट और बल्क एसएमएस सेवाओं को दो दिनों के लिए निलंबित करने का आदेश दिया है। अगले आदेश तक नूंह में धारा 144 लागू कर दी गई है और लोगों को “शांति और सार्वजनिक व्यवस्था में किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए” शुक्रवार की नमाज घर पर ही अदा करने के लिए कहा गया।
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हरियाणा पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि सबूतों के उचित मूल्यांकन के बाद कांग्रेस नेता को आरोपी के रूप में नामित किया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस के पास उनके मामले का समर्थन करने के लिए फोन कॉल रिकॉर्ड और अन्य सबूत हैं।
इससे पहले विधायक को नूंह पुलिस ने जांच टीम के सामने पेश होने के लिए दो बार समन भेजा था। हालांकि, उन्होंने वायरल बुखार को कारण बताते हुए पुलिस के समन का पालन नहीं किया।
विधायक के वकील के अनुसार, खान को गुरुवार को ही एफआईआर में आरोपी के रूप में अपना नाम शामिल किए जाने के बारे में पता चला।
अपनी याचिका में खान ने हरियाणा सरकार को एक उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाने के निर्देश देने की भी मांग की थी, जिसमें पुलिस महानिरीक्षक स्तर से नीचे के अधिकारी शामिल न हों। उन्होंने अनुरोध किया था कि नूंह में हिंसा की घटनाओं से संबंधित मामलों को एसआईटी को स्थानांतरित कर दिया जाए। कोर्ट ने विधायक की याचिका पर 19 अक्टूबर को सुनवाई तय की है।
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री देवेंदर सिंह बबली ने कहा, ”नूंह हिंसा की जांच चल रही है। जो भी व्यक्ति प्रदेश में भाईचारे को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विधायक भी आम नागरिक हैं। कोई भी देश के कानून और संविधान से ऊपर नहीं है।”
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मालूम हो कि 31 जुलाई को नूंह में विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व वाले जुलूस पर भीड़ ने हमला किया, जिससे घातक झड़पें हुईं। इसके परिणामस्वरूप छह लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए थे।
