2 जुलाई को सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर खालिस्तानी हमले की जांच के तहत राष्ट्रीय जांच दल की एक टीम संयुक्त राज्य अमेरिका का दौरा करने वाली है। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए की टीम 17 जुलाई के बाद पांच दिनों के लिए सैन फ्रांसिस्को का दौरा करेगी। इस दौरे की अनुमति गृह मंत्रालय ने भी दे दी है।
हाल ही में एनआईए ने मामले के सिलसिले में एफआईआर दर्ज की थी। इसके अलावा जांच एजेंसी कनाडा में भारतीय दूतावास पर हुए हमले की भी जांच कर रही है। गृह मंत्रालय द्वारा दोनों मामलों की जांच एनआईए को सौंपी गई थी।
2 जुलाई को ट्विटर पर खालिस्तान समर्थकों के एक वीडियो में सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास में आगजनी की घटना को दिखाया गया था। वीडियो में “हिंसा से हिंसा जन्मती है” शब्द लिखे हुए थे और साथ ही कनाडा स्थित खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) के प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर की मौत से संबंधित समाचार लेख भी दिखाए गए थे।
भारत के सबसे वांछित आतंकवादियों में से एक निज्जर के सिर पर 10 लाख रुपये का नकद इनाम था। उसकी पिछले महीने कनाडा में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
कुछ हुई महीनों के भीतर यह दूसरी बार था जब सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर खालिस्तान समर्थकों ने हमला किया। 19 मार्च को खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला किया और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया था।
4 जुलाई को भारत ने कनाडा के दूत को तलब किया था और कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों की बढ़ती गतिविधियों पर डिमार्शे जारी किया था। खालिस्तानी समर्थक समूहों द्वारा कुछ भारतीय राजनयिकों के नाम के साथ कुछ पोस्टर जारी करने के बाद कनाडाई उच्चायुक्त को भी तलब किया गया था।
