दिल्ली में 24 घंटे के अंदर तीन जघन्य वारदातों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के आर्यभट्ट कॉलेज के बाहर रविवार को 19 साल के एक छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। निखिल चौहान नाम का यह छात्र विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में पढ़ रहा था और वह अपनी क्लास के लिए कॉलेज आया था। निखिल को एक अन्य छात्र ने चाकू मार दिया। चाकू मारने वाले छात्र के साथ उसका सात दिन पहले विवाद हुआ था। छात्र ने कथित तौर पर निखिल की प्रेमिका से बदसलूकी की थी और इसे लेकर दोनों के बीच कहासुनी भी हुई थी।
रविवार को आरोपी छात्र अपने तीन साथियों के साथ आया और कॉलेज गेट के बाहर निखिल को चाकू मार दिया। निखिल को मोती बाग के चरक पालिका अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। निखिल बीए ऑनर्स इन पॉलिटिकल साइंस का प्रथम वर्ष का छात्र था और पश्चिम विहार का रहने वाला था।
मृतक के पिता ने कहा, “हमें दोपहर 12 बजे के आसपास फोन आया कि हमारे बेटे (निखिल) को चाकू मार दिया गया है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल पहुंचने के बाद, हमने पाया कि हमारा बेटा मर चुका है। वह आर्यभट्ट कॉलेज में पढता था।”
घटना को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ने कहा कि दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में इनके बीच मारपीट की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान कर ली गई थी। इसके बाद से ही उसकी तलाश की जा रही थी।
दिल्ली विश्वविद्यालय ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि कॉलेज के ठीक बाहर एक छात्र की जान चली गई, जहां छात्र सीखने और अपना करियर बनाने आते हैं। विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा, “हम एक कीमती जीवन के नुकसान के लिए वास्तव में दुखी हैं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और दुख की इस घड़ी में निखिल चौहान के परिवार को शक्ति प्रदान करें।”
निखिल की हत्या दिल्ली के आरके पुरम इलाके में दो बहनों की गोली मारकर हत्या करने के कुछ घंटे बाद हुई। इस तरह 24 घंटे से भी कम समय में दक्षिण पश्चिम दिल्ली जिले में कुल तीन हत्याएं हुईं।
रविवार तड़के आरके पुरम में दो महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने घटना के संबंध में मुख्य आरोपी और उसके दो साथियों को घटना के घंटों बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया हमले के पीछे की मंशा पैसों के विवाद या समझौते के मसले से जुड़ी लग रही है।
प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि हमलावरों ने मुख्य रूप से पीड़ितों के भाई को निशाना बनाया था, लेकिन विवाद के दौरान गलती से महिलाओं को गोली मार दी।
पुलिस ने इस मामले में 2 और आरोपियों किशन और गणेश स्वामी को पकड़ा है। अब तक कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पिंकी और ज्योति नाम की दो बहनों की आर.के. पुरम इलाके में पैसों के लेन-देन के विवाद में कुछ हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘दिल्ली के लोग अपने आप को बहुत असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। जिन लोगों को दिल्ली की कानून- व्यवस्था संभालनी है, वो कानून-व्यवस्था ठीक करने के बजाय पूरी दिल्ली सरकार पर कब्जा करने के षड्यंत्र कर रहे हैं। आज अगर दिल्ली की कानून-व्यवस्था LG के बदले आम आदमी पार्टी की सरकार के अधीन होती तो दिल्ली सबसे सुरक्षित होती। दोनों महिलाओं के परिवारों के साथ हमारी संवेदनाएं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।’
दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी और एक ट्वीट में कहा, “एल-जी साहब, आप क्या कर रहे हैं? मेरी दिल्ली में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। महोदय, आपने हमारी दिल्ली के साथ क्या किया है?”
मालूम हो कि उपराज्यपाल का राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक व्यवस्था, भूमि और पुलिस पर नियंत्रण है।
