महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में पुलिस ने बुधवार को हिंदुत्व समर्थक संगठनों द्वारा कुछ आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बुलाए गए बंद के दौरान कुछ उपद्रवियों द्वारा पथराव किए जाने के बाद अनियंत्रित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। हिंदू संगठनों के सदस्यों और पुलिस के बीच विरोध प्रदर्शन के दौरान झड़प हो गई। पुलिस ने लाठी चार्ज कर धरना दे रहे लोगों को सड़क से हटाया। इस झड़प के बाद इंटरनेट बंद कर दिया गया है।
कोल्हापुर जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी चौक पर बुधवार सुबह विभिन्न दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में जमा हुए थे। संगठनों ने कोल्हापुर शहर में बंद का आह्वान किया था, वहीं विरोध प्रदर्शन भी किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि वे नुकसान का आकलन कर रहे हैं और जांच कर रहे हैं कि क्या हिंसा में कोई घायल हुआ है।
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कोल्हापुर के SP महेंद्र पंडित ने बताया कि, ‘एक शिकायत आई थी जिसमें हमने 2 मामलों 5 लोगों को हिरासत में लिया है। कुछ संगठनों ने आज कोल्हापुर बंद का आह्वान किया था और एक जगह इकट्ठा हुए थे। जब वे जाने लगे तो किसी ने पथराव किया जिससे वहां खड़े वाहनों का नुकसान हुआ। हमने इस पर क़ानूनी कार्रवाई की है। हर जगह बंदोबस्त तैनात किया है। परिस्थिति हमारे नियंत्रण में है और पुलिस तैनात है।’
कोल्हापुर की घटना पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, ‘औरंगजेब की तारीफ करने वालों के लिए महाराष्ट्र में कोई माफी नहीं है। पुलिस भी कार्रवाई कर रही है। साथ ही यह सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि लोग भी शांति बनाए रखें, कहीं कोई अप्रिय घटना न हो।’ उपमुख्यमंत्री ने गृह विभाग को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं इस घटना पर महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा- राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। मैं जनता से भी शांति और शांति की अपील करता हूं। पुलिस जांच चल रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले कोल्हापुर पुलिस ने मंगलवार को कुछ सोशल मीडिया स्टेटस संदेशों की जांच शुरू की थी, जिसमें 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की तस्वीर के साथ एक आपत्तिजनक नारा दिखाया गया था। दो दिन पहले अहमदनगर जिले में आयोजित एक जुलूस के दौरान मुगल शासक औरंगजेब के पोस्टर के साथ भी यही आपत्तिजनक नारा लगाया गया था। यह घटना 4 जून को रात करीब 9.15 बजे अहमदनगर के फकीरवाड़ा इलाके में बांध बारा हजारी बाबा दरगाह के उर्स जुलूस के दौरान हुई थी।
