बिहार के रोहतास जिले के सासाराम में बम विस्फोट के दो दिन बाद सोमवार तड़के कस्बे के मोची टोला इलाके में एक और विस्फोट हुआ। 30 मार्च को देश भर में रामनवमी समारोह में हुई हिंसा और आगजनी की घटनाओं में यह सबसे नई घटना है। सब-इंस्पेक्टर राम नरेश सिंह के अनुसार, “हमने सुबह विस्फोट जैसी आवाज सुनी लेकिन पुष्टि नहीं कर सकते कि यह बम विस्फोट था या कोई पटाखे थे।” इलाके के स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्होंने “जय श्री राम” के नारे भी सुने। जिले में रामनवमी के जुलूस के बाद झड़पों की एक श्रृंखला की सूचना मिली है। पुलिस और राज्य सरकार स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
इस बीच बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने हिंसा को लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा- ”बिहार में सद्भाव बिगाड़ने की संघी कोशिश पर बिहार सरकार की पैनी नज़र है। जिन राज्यों में BJP कमजोर है, वहां बौखलाई हुई है। एक-एक उपद्रवी को चिन्हित कर कठोरतम कारवाई की जा रही है। भाईचारे को तोड़ने के किसी भी भाजपाई ‘प्रयोग’ का हमने हमेशा माकूल जवाब दिया है और देते रहेंगे।जय हिन्द।”
सासाराम में शुक्रवार (31 मार्च) को रामनवमी के जुलूस के बाद दो गुटों के बीच झड़प हो गई। इलाके में पथराव की भी खबर है। कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए अधिकारियों ने सासाराम शहर में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
बिहारशरीफ और नालंदा में रामनवमी के बाद भड़की ताजा हिंसा में कम से कम 112 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नालंदा जिले में 4 अप्रैल तक इंटरनेट सेवा बंद रहेगी। शहर में पहले से कर्फ्यू लगा हुआ है। इसके साथ ही रोहतास में 4 अप्रैल तक सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। बिहारशरीफ में शनिवार रात को फिर से हिंसा हुई। यहां के पहाड़पुरा इलाके में दो गुट भिड़ गए। इस दौरान 12 राउंड फायरिंग हुई। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। सासाराम के गोला बाजार, कादिरगंज, मुबारकगंज, चौखंडी और नवरत्न बाजार पूरी तरह से बंद हैं। पुलिस-प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति अभी भी बनी हुई है।
इससे पहले रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रामनवमी के जुलूस के बाद भड़की हिंसा को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस को सतर्क रहने, असामाजिक तत्वों की पहचान करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखने और गलत सूचना या गलत सूचना पर अंकुश लगाने के लिए उचित उपाय करने को भी कहा गया है। दूसरी ओर बीजेपी ने राज्य में सांप्रदायिक तनाव के लिए नीतीश कुमार सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
