चेन्नई के कलाक्षेत्र में यौन उत्पीड़न का मामला: परिसर में विरोध के बाद प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज

रुक्मिणी देवी कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स के छात्रों द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद तमिलनाडु पुलिस ने कलाक्षेत्र के सहायक प्रोफेसर हरि पैडमैन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर परिसर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद आई है। चेन्नई के कलाक्षेत्र की कई छात्राओं ने एक असिस्टेंट प्रोफेसर और डांसर पर कैंपस में नाबालिगों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। गुरुवार की सुबह छात्रों ने सुबह की प्रार्थना से वॉक आउट किया और उस फैकल्टी सदस्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसके खिलाफ हाल ही में यौन उत्पीड़न के आरोप सामने आए थे।

यौन उत्पीड़न के आरोपी हरि पैडमैन पर आईपीसी की धारा 354ए (यौन उत्पीड़न), 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन पर महिला उत्पीड़न अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद हरि पैडमैन और तीन अन्य फैकल्टी सदस्यों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कलाक्षेत्र के छात्रों ने अपना विरोध अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है।

बीते कुछ दिनों से हरि पैडमैन के खिलाफ कई आरोप होने के बावजूद संस्थान की निष्क्रियता के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के प्रयास में कलाक्षेत्र के छात्रों द्वारा प्रार्थना सभा का बहिष्कार किया जा रहा था। छात्र कथित उत्पीड़कों को निलंबित करने और बिना किसी डर के अपने अनुभव साझा करने के लिए परिसर में सुरक्षित माहौल की मांग कर रहे थे।

इस विरोध के बाद छह अप्रैल तक कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया गया है। साथ ही कॉलेज प्रशासन ने सभी छात्रों को तत्काल प्रभाव से हॉस्टल खाली करने के लिए भी कहा है।

इससे पहले शुक्रवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विधानसभा में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के नियंत्रण वाले कलाक्षेत्र के छात्रों के यौन उत्पीड़न के आरोप को लेकर कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया था। एमके स्टालिन ने विधानसभा के पटल पर कहा, “छात्रों के विरोध को मेरे संज्ञान में लाया गया। मैंने कलेक्टर से पूछताछ की और अधिकारियों को जांच के लिए भेजा है।”

स्टालिन ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने 21 मार्च को यौन उत्पीड़न के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था और इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को एक संदेश भेजा था। बाद में एनसीडब्ल्यू ने डीजीपी को भेजे पत्र में कहा कि उसने एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर इस मुद्दे की जांच की और जांच को समाप्त कर दिया है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष अंततः कलाक्षेत्र पहुंचीं और महिला छात्रों से पूछताछ की। स्टालिन ने कहा, “उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को उनके साथ जाने की जरूरत नहीं है।”

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