दिल्ली के कंझावला मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में 11 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। जिन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है वो घटना के दिन उसी स्थान के आसपास तीन पीसीआर वैन और दो पिकेट में ड्यूटी कर रहे थे। गृह मंत्रालय की सिफारिश के बाद यह कार्रवाई की गई है। सस्पेंड पुलिसकर्मियों में से 6 PCR की डयूटी में तैनात थे और 5 पुलिसकर्मी पिकेट पर तैनात थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सीपी शालिनी सिंह ने अपनी जांच रिपोर्ट में इन पुलिसकर्मियों को दोषी पाया था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद जिन 11 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है उनमे 2 SI, 4 ASI, 4 हेड कांस्टेबल और 1 कांस्टेबल शामिल हैं। गृह मंत्रालय ने इसके अलावा डीसीपी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीसीपी हरेंद्र कुमार ने इस मामले को हत्या की बजाय एक हादसा बताया था।
इससे पहले गुरुवार शाम को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया था कि तीन पीसीआर वैन व दो पिकेट में ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए। साथ ही गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को पीसीआर वैन, जांच चौकी के पर्यवेक्षण अधिकारियों को अपना कर्तव्य निभाने में असफल रहने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने का भी निर्देश दिया था। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दायर करने का भी निर्देश दिया है ताकि दोषियों को सजा मिल सके। दिल्ली पुलिस को भी यह सुनिश्चित करने लिए भी कहा गया है कि जांच में कोई शिथिलता न हो और वे जांच की प्रगति के संबंध में गृह मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपे। गृह मंत्रालय ने कहा है कि देश की राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए भी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि लोग, खासकर महिलाएं और बच्चे भयमुक्त माहौल में जी सकें।
कंझावला मामले में शुक्रवार को FSL रोहिणी ने दिल्ली पुलिस को कई रिपोर्ट सौंपी हैं। जानकारी के मुताबिक रोहिणी फॉरेंसिक टीम ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस को आरोपियों के खून के सैंपल की रिपोर्ट दी है। सूत्रों के अनुसार इस रिपोर्ट के मुताबिक चारों आरोपियों ने घटना वाली रात में शराब पी रखी थी। फॉरेंसिक टीम ने पुलिस को क्राइम सीन की भी रिपोर्ट दे दी है। इस रिपोर्ट से ये स्पष्ट हो सकेगा कि घटना का क्रम क्या रहा?
दूसरी तरफ राष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की पांच सदस्यीय टीम ने भी इस मामले में साक्ष्य, नमूने एकत्रित करने शुरू कर दिए हैं। डीसीपी हरेंद्र सिंह के आग्रह पर टीम गुरुवार को दिल्ली आई है।
बता दें कि 31 दिसंबर-1 जनवरी की रात पीड़िता अंजलि सिंह की स्कूटी को एक कार ने टक्कर मारी थी और उसे घसीटते हुए 12 किलोमीटर तक ले गए थे जिससे उसकी मौत हो गई। पीड़िता का शव कंझावला में सड़क पर मिला था। इस मामले में कार सवार पांच लोगों के साथ ही उनके कई साथियों को गिरफ्तार किया गया है।
