दिल्ली का कंझावला कांड- अब पुलिस के लिए एक पहेली बन कर रह गई है। इस केस को ज्यों-ज्यों पुलिस सुलझाने की कोशिश कर रही है, त्यों-त्यों वो उलझता जा रहा है। हर व्यक्ति के मन में एक ही सवाल है कि आखिर अंजलि की मौत का सच क्या है? उस रात अंजलि के साथ क्या हुआ था?
गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने इस केस को लेकर तीसरी बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। स्पेशल कमिश्नर सागरप्रीत सिंह हुड्डा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि जांच के दौरान पता चला है कि इस मामले में आरोपी 5 नहीं, बल्कि 7 हैं। दो नए आरोपी आशुतोष और अंकुश खन्ना की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपियों का मृतक लड़की अंजलि और चश्मदीद निधि के साथ कोई कनेक्शन नहीं है। गुरुवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने 5 आरोपियों की पुलिस कस्टडी 4 दिन के लिए बढ़ा दी है।
सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि अभी तक मर्डर का केस नहीं बन रहा है, क्योंकि मर्डर के लिए मोटिव चाहिए होता है और अभी तक की जांच में कोई मोटिव सामने नहीं आया है। उन्होंने ये भी बताया कि इस मामले में दिल्ली पुलिस की 18 टीमें काम कर रही हैं। क्राइम सीन को भी अच्छे से विजिट कर चुके हैं।
स्पेशल पुलिस कमिश्नर सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि कार दीपक नहीं अमित चला रहा था। पुलिस के मुताबिक, अमित पर ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है। ऐसे में अंकुश खन्ना ने ही उसे सलाह दी थी कि वह पुलिस के सामने कहे कि वही कार चला रहा था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी और पीड़िता अंजलि का कोई पुराना कनेक्शन नहीं निकला है। आरोपी अंजलि को पहले से नहीं जानते थे। पुलिस ने ये दावा सीडीआर रिकॉर्ड्स और सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर लिया।
अंजलि की सहेली निधि की भूमिका पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने उसके बयान चश्मदीद के तौर पर दर्ज कराए हैं। लेकिन पुलिस का कहना है कि उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक कॉल रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि वह आरोपियों को पहले से नहीं जानती थी।
पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला है कि आरोपियों को इस बात की जानकारी थी कि उनकी कार में ह्यूमन शव फंसा है। उन्होंने कहा कि हम कानूनी तरीके से मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाने की संभावनाओं पर भी काम कर रहे हैं।
स्पेशल पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, आरोपियों ने सबूत छुपाने की कोशिश की। इतना ही नहीं उनके बयान में भी विरोधाभास है।
जब स्पेशल पुलिस कमिश्नर सागर प्रीत हुड्डा से पूछा गया कि निधि दावा कर रही है कि अंजलि नशे में थी, तो जांच में क्या इस बारे में कुछ पता चला है? इस पर उन्होंने कहा कि अंजलि नशे में थी या नहीं, इससे इस केस पर कोई फर्क नहीं पड़ता। हालांकि, उन्होंने कहा कि विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा।
पुलिस के मुताबिक अब तक अंजलि का फोन भी बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि हम सबूतों की जांच में जुटे हैं। इसके अलावा और सबूत खोजे जा रहे हैं। ताकि हम जल्द से जल्द ठोस चार्जशीट दाखिल कर सकें और आरोपियों को सजा दिला सकें।
दिल्ली पुलिस ने हादसे का सही समय भी बताया। पुलिस अधिकारी हुड्डा ने कहा कि ये हादसा 2 बजकर 4 मिनट और 2 बजकर 6 मिनट के बीच हुआ है, ऐसा मान लें कि 2 बजकर 5 मिनट पर हुआ है। अभी तक की जांच में ये सामने आया है। उन्होंने बताया कि जहां हादसा हुआ वो रास्ता हरियाणा की ओर जाता है और एरिया 10-12 किलोमीटर का है। हालांकि, बॉडी को कितनी दूर तक घसीटा गया, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है।
हुड्डा ने कहा कि पुलिस पीसीआर के रिस्पॉन्स पर पुलिस इंटरनली जांच कर रही है। अगर इसमें ह्यूमन एरर है तो जिनकी गलती है उनपर एक्शन होगा।
गुरुवार सुबह पुलिस को एक और सीसीटीवी फुटेज हाथ लगा था जिसमे सभी 5 आरोपी कार छोड़कर ऑटो से भागते नजर आए।
मालूम हो कि घटना की रात यानी 31 दिसंबर की रात के 3 और वीडियो सामने आए हैं। बाकी के 4 वीडियो 2 और 3 जनवरी को आए थे। ऐसा कहा जा रहा है कि पुलिस को वारदात रूट के 23 वीडियो मिले हैं। इन्हीं को आधार बनाकर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
