कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं के साथ ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की आज की शुरुआत शामली जिले के ऐलम गांव से की। राहुल गांधी ने करीब 6 बजे एलम से यात्रा शुरू की।
शामली के बाद गुरुवार शाम ये यात्रा एक बार फिर हरियाणा में प्रवेश करेगी और पानीपत पहुंचेगी। इसके बाद शुक्रवार सुबह यानी 6 जनवरी से राहुल गांधी एकाबर फिर हरियाणा में भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत करेंगे। हरियाणा में यह यात्रा 6 जनवरी से 10 जनवरी तक चलेगी। 7 जनवरी को पानीपत में राहुल गांधी की बड़ी सभा का आयोजन होगा। इसके बाद 8 और 9 जनवरी को राहुल गांधी कुरुक्षेत्र में प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। वहीं इसके बाद 11 जनवरी को ये यात्रा पंजाब में प्रवेश करेगी। उसके बाद एक दिन के लिए 19 जनवरी को हिमाचल प्रदेश से भी यात्रा गुजरेगी।
इस यात्रा में भाड़ी भीड़ उमड़ रही है। भारत जोड़ो यात्रा को लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। यात्रा जिस क्षेत्र से गुजर रही है वहां के लोग पारंपरिक वेशभूषा में राहुल गांधी और यात्रा का स्वागत कर रहे हैं। हर दिन बड़ी संख्या में लोग इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं।
राहुल गांधी आज जब शामली पहुंचे तो वहां के जिड़ाना गांव के एक घर में रुके। एक परिवार से मुलाकात की। बताया गया कि गांव में जाहिद हसन के परिवार से राहुल गांधी ने मुलाकात की और परिवार का हाल-चाल जाना। जाहिद हसन ने बताया कि राहुल ने परिवार के साथ 30 मिनट का समय गुजारा और कुशल क्षेम पूछा। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी को हमनें अपनी कुछ समस्याएं बताईं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के परिवार से पुराने संबंध हैं। दिल्ली में कई बार उनसे मुलाकात हुई थी, लेकिन गांव में राहुल गांधी पहली बार ही आए हैं।
बुधवार को फेमस टीवी एक्ट्रेस काम्या पंजाबी भी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं। इस दौरान राहुल गांधी जहां सफेद टी शर्ट में थे, वहीं काम्या पंजाबी काली जैकेट और सफेद सूट में नजर आईं। इस यात्रा में बॉलीवुड के कई सितारे पहले भी शामिल हो चुके हैं।
यात्रा के दुसरे दिन बड़ौत के छपरौली चुंगी में राहुल गांधी ने एक सभा की। राहुल ने कहा, “मैं जहां जाता हूं, कहता हूं मीडिया के मित्रों, लेकिन ये मित्रों का काम नहीं करते। हमारा छोड़ो, जनता की बात नहीं करते। ये चीते दिखाते हैं। हम जब पार्लियामेंट में बोलने की कोशिश करते हैं तो वो माइक बंद कर देते हैं।”
कांग्रेस नेता ने कहा, “एक तरफ मीडिया आवाज नहीं उठाती, दूसरी तरफ माइक बंद कर देते हैं। तो हमने सोचा कि चलो जनता की बात सुनते हैं। 3000 किमी यात्रा कर चुका हूं। मगर कोई थकान नहीं। आप मेरा चेहरा देखो। मुझे ठंड भी नहीं लग रही, न थकान है”।
उन्होंने कहा- “मैं यात्रा में चल रहा हूं, मैं टीशर्ट में हूं, मेरे साथ किसान गरीब के बच्चे चलते हैं। वो फटी टीशर्ट में चलते हैं, लेकिन मीडिया ये सवाल नहीं पूछता कि किसान बिना जैकेट में क्यों घूम रहा? सवाल ये है कि हिंदुस्तान के बच्चे सर्दी में टीशर्ट में क्यों घूम रहे हैं?। दरअसल मीडिया पर लगाम है। जैसे ही ये दौड़ने की कोशिश करते हैं, वो लगाम कस देते हैं। मुझे मीडिया वाले बताते हैं कि राहुल जी हम सच्चाई बोलना जानते हैं, लेकिन बोल नहीं पाते।”
राहुल ने कहा- “एक रास्ता अग्निवीर था युवाओं के लिए। सुबह 4 बजे युवा उठते थे, दौड़ते थे। सपना बॉर्डर पर जाकर रक्षा करने का था। युवा 15 साल सेना में सेवा कर सकता था। मोदी जी ने 6 महीने ट्रेनिंग करो, बंदूक पकड़ो और 4 साल बाद जूता मारकर बेरोजगार करने की स्कीम ला दी। युवाओं ने जब विरोध किया तो मोदी ने कहा कि अगर तुम्हारी फोटो ले ली गई तो तुम्हें सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। एयरपोर्ट, पोर्ट, रेलवे, BHEL.. सब उनके हाथ में जाएगा और युवा बेरोजगार होंगे। ये है नरेंद्र मोदी के सपनों का भारत। और हम इसका विरोध करते हैं। आपने जो प्यार दिया, मैं इसके लिए जिंदगी भर आभारी हूं।”
26 जनवरी से कांग्रेस का ‘हाथ से हाथ जोड़ो’ अभियान भी शुरू होगा
जयराम रमेश ने कहा कि ‘हाथ से हाथ जोड़ो’ अभियान दो महीने तक चलेगा। दो माह का यह अभियान तीन चरण में चलेगा। पहले चरण में हर गांव और मतदान केंद्र स्तर पर पदयात्रा होगी। इसमें घर-घर जनसंपर्क करने के साथ भारत जोड़ो यात्रा के भावनात्मक वीडियो दिखाए जाएंगे। युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन प्रत्येक विकासखंड में बाइक रैली निकालेंगे। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा कके नेतृत्व में प्रत्येक राज्य की राजधानी में महिला मार्च और महिला घोषणापत्र का विमोचन होगा।
बता दें कि 7 सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई यात्रा ने अब तक 10 राज्यों का सफर तय कर लिया है। इनमें तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा शामिल हैं। हालांकि, हरियाणा में यात्रा का दूसरा फेज बाकी है। राहुल ने अब तक करीब 3100 किमी की यात्रा पुत्र कर लिया है। पार्टी का लक्ष्य 150 दिनों में 12 राज्यों का सफर तय कर पैदल 3570 किलोमीटर की दूरी तय करना है। इस यात्रा का समापन जम्मू-कश्मीर में होगा।
