उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की रहने वाली सानिया मिर्जा देश की पहली मुस्लिम महिला फाइटर पायलट बनने जा रही है। सानिया ने NDA यानी नेशनल डिफेंस अकादमी की परीक्षा में 149वीं रैंक हासिल की है। सानिया मिर्जापुर से करीब 10 किमी दूर जसोवर गांव की हैं। सानिया ने गांव के ही एक स्कूल से उसने 10वीं की पढ़ाई की। 12वीं के लिए मिर्जापुर आईं और हिंदी मीडियम से पढ़ाई की। मिर्जापुर के गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज से 12वीं की परीक्षा पास की और यूपी 12वीं बोर्ड में डिस्ट्रिक्ट टॉपर भी रही। 10 अप्रैल को वह एनडीए परीक्षा 2022 के लिए बैठी थीं। सानिया 27 दिसंबर, 2022 को पुणे में एनडीए खडकवासला में शामिल होने वाली हैं। सानिया के पिता शाहिद अली, TV मैकेनिक हैं। गांव के घर पर ही उनकी दुकान है। NDA का रिजल्ट आते ही सानिया देशभर में सुर्खियों में आ गईं।
सानिया ने अपने बारे में बताया कि, “यह NDA में मेरा दूसरा अटेंम्प था। पहली बार में मेरा सिलेक्शन नहीं हुआ था। जब मेरा सिलेक्शन नहीं हुआ तो मैं थोड़ी उदास हुई, लेकिन परेशान नहीं हुई, बल्कि मैंने अपनी कमजोरी को पहचाना और उस पर काम करना शुरू किया। दूसरे अटेंम्प में मेरा सिलेक्शन हो गया। एक दिन पहले ही मेरा सिलेक्शन का लेटर आया है। मेरी 149वीं रैंक हैं। पुणे में 27 दिसंबर से मेरी ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी।”
सानिया ने आगे कहा कि “जब मैं तैयारी कर रही थी तो लोगों ने हिंदी-अंग्रेजी मीडियम को लेकर मुझको डराया, कहा कि फोर्स में अंग्रेजी ही चाहिए। हालांकि, मुझे कोई दिक्कत नहीं हुई। मैंने हिंदी मीडियम से ही पढ़ाई की है। मेरा साइंस में बहुत ज्यादा इंटरेस्ट है। बचपन से इंजीनियर बनना चाहती हूं। देश की पहली महिला फाइटर पायलट अवनी चतुर्वेदी को मैं अपना आइडियल मानती हूं। मैं उनसे इंस्पायर्ड हूं। इसके बाद मुझमें एक जुनून सवार हुआ कि मुझे कुछ ऐसा करना है जिसमें लड़कियां ज्यादा शामिल नहीं होती हैं। इसके बाद मैंने NDA की परीक्षा की तैयारी की।”
सानिया के पिता शाहिद अली बताते हैं कि, “सानिया देश की पहली फाइटर पायलट अवनी को अपना आदर्श मानती हैं। वह उनके जैसा बनना चाहती थीं। सानिया देश की दूसरी ऐसी लड़की हैं, जिसे फाइटर पायलट के तौर पर चुना गया है। यह हमारे लिए गर्व की बात हैं। मैंने सिर्फ उसे अपनी इच्छा पर आगे बढ़ने दिया।”
वहीं सानिया की मां तबस्सुम मिर्जा ने कहा कि, “हमारी बेटी ने हमें और पूरे गांव को गौरवान्वित किया है। उसने फाइटर पायलट बनने का सपना पूरा कर अपने गांव की हर लड़कियों को प्रेरित किया है। हम बता नहीं सकते कि कितना खुश हैं। हमारी बच्ची ने हमारा मान सम्मान अपना सब कुछ पूरा कर दिया।”
मालूम हो कि सानिया मिर्जा देश की दूसरी ऐसी लड़की हैं, जिन्हें फाइटर पायलट के तौर पर चुना गया है। सानिया इस परीक्षा में पहली बार पास नहीं हो पाई तो दोबारा परीक्षा दी। NDA 2022 की परीक्षा में मेल और फीमेल के लिए कुल मिलाकर कुल 400 सीटें थीं, जिसमें 19 सीटें महिलाओं के लिए थीं। वहीं इनमें से दो सीटें लड़ाकू पायलटों के लिए आरक्षित थीं। इन्हीं दो सीटों में एक पर सानिया मिर्जा ने कब्जा किया है।
