कोरोना के BF.7 वेरिएंट ने दुनियाभर के देशों के लिए बढ़ाई टेंशन, भारत सरकार ने जारी की एडवाइजरी; चीन में संक्रमण की रफ्तार बेतहाशा

कोरोना ने एक बार फिर दुनिया में भय का माहौल पैदा कर दिया है। चीन में कोरोना के बेकाबू होने के बाद से विश्व के अन्य देशों के लिए भी खतरा बढ़ गया है और भारत सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है। बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें शामिल नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने बैठक के बाद कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में अंदर और बाहर मास्क जरूर पहनें। साथ ही जिन लोगों ने अभी तक बूस्टर डोज नहीं लगवाई है, वह जल्द से जल्द इसे लगवाएं, ताकि कोरोना को फैलने से रोका जा सके। डॉ वीके पॉल ने कहा है कि अगर आप भीड़भाड़ वाली जगह, घर के अंदर या बाहर हैं तो मास्क का इस्तेमाल करें। यह कॉमरेडिटी वाले या ज्यादा उम्र के लोगों के लिए और भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अभी तक केवल 27 से 28 फीसदी लोगों ने बूस्टर डोज ली है। हमें इसे बढ़ाना होगा। हम अन्य लोगों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों से अपील करते हैं कि वह यह डोज लगाएं। बूस्टर डोज अनिवार्य है और सभी के लिए निर्देशित है। सरकार ने दावा किया है कि देश हर स्थिति से निपटने को तैयार है और पैनिक की जरूरत नहीं है।

कोरोना पर जारी एडवाइजरी में ये बातें कही गई हैं-

• लोग मास्क लगाएं
• सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें
• अगर कोरोना के लक्षण दिखते हैं तो चेकअप जरूर कराएं
• कोरोना की पुष्टि होने पर कोविड नियम का पालन करें
• भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जानें से बचें
• सभी लोग बूस्टर डोज जरूर लगवाएं

चीन में ओमिक्रोन के जिस सब वेरिएंट बीएफ.7 (BF.7 Omicron Variant) ने तबाही मचाई हुई है। उसी बीएफ.7 वेरिएंट के भारत में भी चार मामले सामने आए हैं। ये केस गुजरात (3) और ओडिशा (1) से सामने आए हैं। इनमें दो मरीज ठीक हो गए हैं। इन मरीजों का होम आइसोलेशन में इलाज किया गया और पूरी तरह से ठीक हो गए हैं।

विदेश से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर होगी रैंडम जांच-

भारत सरकार ने कोरोना संक्रमण के संभावित मामलों पर रोक लगाने के लिए विदेश से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर रैंडम कोविड जांच करने का फैसला किया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से यह फैसला लिया गया।

कितना खतरनाक है bf.7 वेरिएंट?

bf.7 वेरिएंट में रिइंफेक्शन होने का खतरा रहता है। इस वेरिएंट का आर वैल्यू यानी रिप्रोडक्शन नंबर 18 है। इसका मतलब यह है कि इस वेरिएंट के संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से 18 लोग में कोरोना फैल सकता है। यही वजह है कि चीन में कोविड इतनी तेजी से फैल रहा है। ओमिक्रॉन के bf.7 वेरिएंट को छोड़कर किसी भी वेरिएंट की आर वैल्यू 5 से ज्यादा नहीं मिली है। bf.7 इसलिए ही तेजी से फैल रहा है क्योंकि इसका रिप्रोडक्शन नंबर अधिक है, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि इस वेरिएंट का एक संक्रमित 18 लोगों तक वायरस को पहुंचा ही देगा।

अभी तक भारत में आए सबसे खतरनाक वेरिएंट डेल्टा की आर वैल्यू शुरुआत में 1 थी, इसके बाद ये बढ़कर 2 तक हो गई थी। यानी डेल्टा का एक संक्रमित 3 लोगों तक वायरस को पहुंचा सकता था। कोविड की दूसरी लहर के दौरान डेल्टा की आर वैल्यू 3 थी, लेकिन ये इससे अधिक नहीं हुई। जब वायरस का प्रभाव कम होने लगा था तो आर वैल्यू घटकर 1 से भी कम हो गई थी।

देश के अलग अलग राज्यों ने कोरोना से बचाव को लेकर उपाय करना शुरू कर दिया है-

– दिल्ली – मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया है। उन्होंने हेल्थ मिनिस्ट्री को करोना के बढ़ते प्रसार पर निगरानी रखने के लिए कहा है। केजरीवाल ने स्वास्थ्य विभाग को जीनोम सीक्वेंसिंग और कोरोना के बढ़ते प्रसार से निपटने के लिए उचित कदम उठाने को कहा है।

– कर्नाटक – कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने कहा कि वैश्विक स्थिति के मद्देनजर हमें कुछ एहतियाती कदम उठाने होंगे। बेंगलुरु हवाई अड्डे पर बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय यात्री आते हैं। हम वहां यात्रियों की जांच शुरू करेंगे।

– महाराष्ट्र – महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति का अध्ययन करने के लिए एक कार्यबल या एक समिति का गठन करेगी।

– पश्चिम बंगाल – स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. सिद्धार्थ नियोगी ने कहा कि राज्य में कोविड-19 का प्रसार नहीं होने देने के लिए नियमित रूप से जांच और निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि हम राज्य में किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. चीजें नियंत्रण में हैं, लेकिन हम एहतियात बरतना जारी रख रहे हैं।

– हिमाचल – प्रदेश सरकार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक हेमराज बैरवा ने कहा कि निर्देशानुसार जितने भी कोरोना पॉजिटिव केस हैं उन्हें जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जा रहा है।

– चंडीगढ़ – स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार का निर्देश पहले से है कि टेस्टिंग, ट्रैकिंग, ट्रेसिंग करनी है। आज से टेस्टिंग बढ़ाई है, जो मरीज आ रहे हैं उनका पहला टेस्ट कराया जा रहा है। जो प्रोसेस पहले से था उसे फिर से रिव्यू किया गया है और जरूरत पड़ने पर उसे लागू किया जाएगा।

– यूपी – प्रदेश सरकार ने सभी सीएमओ को चौकसी बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही एयरपोर्ट पर भी सतर्कता बढ़ाने को कहा है। यूपी सरकार ने ये भी कहा कि कोरोना संक्रमण प्रभावित देश से आने वाले यात्रियों की जांच की जाए।

– बिहार – उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि अभी बिहार में कोरोना के केवल 3 सक्रिय मामले हैं। इसके साथ हम बड़ी मात्रा में सैंपल एकत्रित कर रहे हैं।

– केरल – मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने लोगों से खुद को वायरस से संक्रमित होने से बचाने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया।

– अरुणाचल प्रदेश – राज्य निगरानी अधिकारी डॉ. लोबसांग जाम्पा ने कहा कि हम परीक्षण जारी रखेंगे और कोरोना वायरस से संक्रमित पाये जाने वाले नमूनों को जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जाएगा।

इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों को एक पत्र भेजा था, जिसमें उन्हें भविष्य में कोविड-19 के प्रकोप में किसी भी संभावित वृद्धि के लिए तैयार रहने और आईएनएसएसीओजी नेटवर्क के माध्यम से वायरस के वेरिएंट को ट्रैक करने के लिए सभी पॉजिटिव मामलों के नमूनों को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजने का निर्देश दिया था।

चीन से जापान तक कोरोना की दहशत-

दुनिया में पिछले एक हफ्ते में कोरोना के 36 लाख मामले सामने आए हैं, जबकि इसी समयकाल में 10 हजार लोगों की मौत हुई है। चीन समेत अर्जेंटीना, ब्राजील और जापान में कोरोना के केसों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। अमेरिका, जर्मनी और ताइवान जैसे देशों में भी नए मामले बढ़ रहे हैं।

चीन में लॉकडाउन हटा तो 13-21 लाख लोगों की जा सकती है जान-

लंदन स्थित ग्लोबल हेल्थ इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स ने कहा है कि अगर चीन अपनी ज़ीरो कोविड नीति को हटाता है तो 13 लाख से 21 लाख लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। दो दिन पहले ही कोरोना महामारी विशेषज्ञ एरिक फीगल-डिंग ने कहा है कि चीन में अस्पताल पूरी तरह से चरमरा गए हैं और अगले 90 दिनों में चीन की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी के संक्रमित होने और लाखों लोगों की मौत होने की आशंका है।

भारतीय इकोनॉमी को लग सकता है धक्का-

भारतीय अर्थव्यवस्था को कोरोना की पिछली लहरों में काफी नुकसान उठाना पड़ा था। कोरोना की पहली लहर में इकोनॉमी को 7 से 8 लाख करोड़ का नुकसान हुआ था। कोरोना से हुए नुकसान को लेकर RBI की 2021-22 की Report on Currency and Finance (RCF) में कहा गया था कि महामारी से इकोनॉमी को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई में 15 साल का वक्त लगेगा। इस बार कोरोना की आहट भर से शेयर बाजार में बुधवार को बीएसई का सेंसेक्स 635 अंक टूटकर 61,067 के लेवल पर बंद हुआ. जबकि एनएसई का निफ्टी 186 अंक टूटकर 18,199 के लेवल पर बंद हुआ. इस गिरावट के चलते स्टॉक मार्केट इन्वेस्टर्स के साढ़े चार लाख करोड़ रुपये डूब गए।

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